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दक्षिण पूर्व रेलवे के पुलों के पुनरुद्धार के लिए चार हजार 500 करोड़ रुपये स्वीकृत

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दक्षिण पूर्व रेलवे के पुलों के पुनरुद्धार के लिए चार हजार 500 करोड़ रुपये स्वीकृत


कोलकाता, 05 अक्टूबर (हि. स.)। भारतीय रेलवे के ‘मिशन-3000 मीट्रिक टन’ के तहत माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) ने अपने क्षेत्र के पुलों के विकास, पुनरुद्धार और पुनर्निर्माण का काम शुरू किया है। इसके लिए करीब चार हजार 500 करोड़ रुपये के पुल संबंधी कार्यों को मंजूरी दी गई है।

सोमवार शाम दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति अनुसार, इन कार्यों का उद्देश्य पुलों को 25 टन एक्सल लोड के अनुकूल बनाना और रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित तथा मजबूत करना है। इसके तहत 41 पुलों में पुराने गर्डरों को हटाकर 25टी-2008 लोडिंग के अनुकूल नए स्टील गर्डर लगाए जाएंगे। साथ ही संबंधित पुलों के नीचे के ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा।

इसके अलावा 38 पुलों को बैलास्टेड डेक कंपोजिट गर्डर में बदला जाएगा। 12.2 मीटर तक की लंबाई वाले 137 पुलों में बैलास्टेड डेक पीएससी स्लैब लगाए जाएंगे।

दक्षिण पूर्व रेलवे ने 20 पुलों के पुनर्निर्माण को भी मंजूरी दी है। इन पुलों का निर्माण बदले हुए संरेखण पर किया जाएगा। इनमें हावड़ा-खड़गपुर रेल खंड में रूपनारायण नदी पर स्थित दक्षिण पूर्व रेलवे का सबसे लंबा मेगा ब्रिज संख्या 57 डाउन, मिड और अप भी शामिल है।

इसके साथ ही करीब एक हजार 550 छोटे पुलों और चार सुरंगों का पुनरुद्धार एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। यात्रियों और रेल कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलों पर साइड पाथवे और मैन रिफ्यूज की व्यवस्था भी की जा रही है।

दक्षिण पूर्व रेलवे के मुताबिक अब तक 199 पुलों पर साइड पाथवे का काम पूरा किया जा चुका है, जबकि 35 अन्य पुलों पर काम जारी है। रेलवे का कहना है कि इन कार्यों से पुलों की क्षमता और सुरक्षा बढ़ेगी तथा माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता