सबंग में बाढ़ का मुख्यमंत्री ने लिया जायजा, मृतकों के परिजनों को नौ लाख रुपये
पश्चिम मेदिनीपुर, 20 अगस्त (हि. स.)। जिले के सबंग समेत विभिन्न इलाकों में भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने गुरुवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सबंग पहुंचे। उन्होंने आकाश मार्ग से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कई घोषणाएं कीं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण यहां दो लोगों की मृत्यु हुई है। मृतकों के परिवारों को नौ-नौ लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अकेले सबंग प्रखंड में तीन हजार 200 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इन सभी प्रभावित परिवारों को 30-30 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
पश्चिम मेदिनीपुर में रविवार से बारिश शुरू हुई थी। सोमवार को भारी बारिश हुई, जबकि मंगलवार को भी रुक-रुककर बारिश होती रही। इसके कारण केलेघाई समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया। कई स्थानों पर नदियों का पानी खतरे के निशान और कहीं-कहीं अत्यधिक खतरे के निशान को पार कर गया। नदी का पानी तटबंधों और किनारों को पार कर आबादी वाले इलाकों में प्रवेश कर गया। फिलहाल केलेघाई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। जो लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए थे, उन्हें पांच दिनों का राशन देकर घर भेज दिया गया है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिस को भी अलग से धनराशि दी गई है, ताकि पुलिसकर्मी जलमग्न इलाकों में लोगों के घरों तक राशन और पीने के पानी के 20 लीटर वाले जार पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि आकाश मार्ग से उन्होंने पांच ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया और स्थिति की समीक्षा के बाद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ के दौरान सांप काटने के 10 मामले सामने आए हैं। सभी लोगों को उपचार के बाद बचाने में सफलता मिली है। उन्होंने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरुवार से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए शिविर शुरू हो रहे हैं। धान किसान इन शिविरों में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे। मादुरकाठी फसल बीमा के दायरे में नहीं है। इसके लिए अलग से व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कह रहे थे कि वर्ष 1986 में ज्योति बसु यहां आए थे और उसके बाद पहली बार कोई मुख्यमंत्री यहां पहुंचा है। पहले के मुख्यमंत्री गांव के लोगों को इंसान नहीं समझते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा गांव के लोगों के साथ नाड़ी का संबंध है। गांव ही मेरी शुरुआत है और गांव ही मेरा अंत है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री राजेश महतो को सबंग में ही रुकने का निर्देश दिया गया है। वे अगले दो दिनों तक यहां रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सभी लोगों को उनके घरों तक वापस नहीं पहुंचाया जाता और फसल बीमा के लिए सूची तैयार नहीं हो जाती, तब तक मंत्री क्षेत्र में रहकर स्थिति की निगरानी करेंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

