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आरजी कर मामला : साक्ष्य मिटाने के आरोपित सोमनाथ दे को सियालदह कोर्ट ने दो दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा

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कोलकाता, 28 अक्टूबर (हि.स.)।

आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के बहुचर्चित मामले में सियालदह कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने साक्ष्य मिटाने के आरोपित और पानीहाटी नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन सोमनाथ दे को दो दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी के आवेदन के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपित को सीबीआई रिमांड में भेजने का यह निर्देश दिया। इस दौरान पीड़िता के परिवार के वकील ने अदालत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय में जमानत याचिका लंबित होने के बावजूद आरोपित सोमनाथ ने इस तथ्य को छिपाकर निचली अदालत से जमानत लेने की कोशिश की है।

विदित हो कि इस जघन्य दुष्कर्म और हत्या मामले की सघन जांच सीबीआई कर रही है। इससे पहले, इसी मामले में मुख्य आरोपितों की सूची में शामिल सिविक वॉलंटियर संजय रॉय, अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और टाला थाने के तत्कालीन ओसी अभिजीत मंडल को भी केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की थी। जांच आगे बढ़ने पर तथ्यों के साथ हेरफेर करने और जल्दबाजी में पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार कराने के आरोपों में सोमनाथ का नाम भी इस मामले से जुड़ गया।

बुधवार को सुनवाई के दौरान सियालदह कोर्ट में पीड़िता के परिवार के वकील अमर्त्य दे ने आरोपित की जमानत याचिका पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने न्यायाधीश के समक्ष दावा किया कि आरोपित सोमनाथ दे पहले ही जमानत पाने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा चुके हैं।

वकील ने आरोप लगाया कि सियालदह कोर्ट की नजरों से इस अहम जानकारी को जानबूझकर छिपाया गया। उन्होंने अदालत में यह सवाल उठाया कि जब उच्च न्यायालय में मामला पहले से ही विचाराधीन है, तो उस तथ्य को छिपाकर निचली अदालत में दोबारा जमानत की अर्जी कैसे दायर की जा सकती है।

अदालत द्वारा दिए गए इस नए निर्देश के बाद अब सीबीआई के अधिकारी आरोपित सोमनाथ दे को अपनी हिरासत में लेंगे और मामले की कड़ियों को जोड़ने व सबूतों से छेड़छाड़ के संदर्भ में उससे एक बार फिर से विस्तृत पूछताछ शुरू करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गंगा