चोरबगान हादसा : एसआईटी ने 3डी स्कैनर से शुरू की जांच
कोलकाता, 22 अक्टूबर (हि. स.)। चोरबगान पूजा पंडाल में हुए भीषण हादसे को लेकर राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में सरगर्मी तेज है। घटना की भयावहता और गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच की गति को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार को फॉरेंसिक विशेषज्ञों और कोलकाता पुलिस के उच्चाधिकारियों ने दुर्घटनास्थल का सघन मुआयना किया। जांच के लिए पहुंचे इस विशेष दल में खुफिया विभाग (डीडी) के वरिष्ठ अधिकारी और होमिसाइड (हत्या) शाखा के जांच अधिकारी भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के असल कारणों की तह तक जाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। घटनास्थल से त्रुटिहीन जानकारी और पक्के सबूत जुटाने के लिए मौके पर 3डी स्कैनर का इस्तेमाल किया गया। इस अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से पूरे दुर्घटनास्थल की बारीकी से 3डी स्कैनिंग की गई, ताकि घटना के समय और उसके ठीक बाद की भौगोलिक स्थिति तथा पंडाल की संरचनात्मक त्रुटियों का एक सटीक डिजिटल मॉडल तैयार किया जा सके। जांचकर्ताओं ने मौके से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और नमूने एकत्र किए हैं, जिनके बारे में माना जा रहा है कि वे इस भगदड़ की असली वजह का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर राज्य सरकार ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस महत्वपूर्ण एसआईटी का नेतृत्व कलकत्ता उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिंदिता रॉय सरस्वती कर रही हैं। अदालत के निर्देशानुसार गठित इस शक्तिशाली समिति में कई अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसआईटी के अन्य प्रमुख सदस्यों में आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के सचिव, राज्य के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के सचिव और पुलिस महानिदेशक व महानिरीक्षक (डीजी-आईजी) सहित प्रशासन के कई शीर्ष अधिकारी शामिल हैं।
हादसे वाले दिन से ही राज्य प्रशासन पूरी तरह से हरकत में है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले में कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस लापरवाही में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि जिसकी भी लापरवाही होगी, जांच में प्रमाणित होने पर उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख और स्पष्ट निर्देशों के बाद लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) ने जांच प्रक्रिया में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गंगा

