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पश्चिम बंगाल में एसआईआर : चुनाव आयोग ने जारी की विचाराधीन मतदाताओं की पहली पूरक सूची

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पश्चिम बंगाल में एसआईआर : चुनाव आयोग ने जारी की विचाराधीन मतदाताओं की पहली पूरक सूची


कोलकाता, 24 मार्च (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग ने विचाराधीन मतदाताओं की पहली अतिरिक्त सूची जारी कर दी है। यह सूची सोमवार देर रात लगभग 12 बजे से कुछ मिनट पहले प्रकाशित की गई। हालांकि आयोग ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुल कितने मामलों का निपटारा हुआ है और कितने मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।

आयोग की ओर से केवल सूची जारी होने की पुष्टि की गई है। जानकारी के अनुसार, इस अतिरिक्त मतदाता सूची को बूथवार दो अलग-अलग भागों में प्रकाशित किया गया है। जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनके लिए अलग सूची भी जारी की गई है।

चुनाव आयोग सूत्रों के मुताबिक, मतदाता अपने बूथ के अनुसार अतिरिक्त सूची डाउनलोड कर यह जांच सकते हैं कि उनका नाम सूची में है या नहीं। हालांकि सूची जारी होने के बाद तकनीकी समस्याओं की शिकायतें भी सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि अधिकांश बूथों की अतिरिक्त सूची डाउनलोड नहीं हो पा रही है। यहां तक कि मतदाता पहचान पत्र संख्या (एपिक नंबर) दर्ज करने पर भी नाम प्रदर्शित नहीं हो रहा है।

इससे पहले रविवार को चुनाव आयोग ने घोषणा की थी कि सूची सोमवार शाम तक जारी कर दी जाएगी। सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि सूची रात नौ बजे तक प्रकाशित हो जाएगी। अंततः देर रात विचाराधीन मतदाताओं के एक हिस्से की अंतिम सूची जारी की गई। लेकिन कुल कितने मामलों का निपटारा हुआ और उनमें से कितने नाम हटाए गए, इसका विस्तृत आंकड़ा अभी तक जारी नहीं किया गया है। पिछली सूची के समय आयोग ने समग्र आंकड़े जारी किए थे, लेकिन इस बार यह जानकारी कब दी जाएगी, इस पर अभी कोई स्पष्टता नहीं है।

इस बीच, जिन मतदाताओं को अपने मामले में आपत्ति है, वे ट्राइब्यूनल में दो तरीकों से अपील कर सकते हैं। पहला, ऑनलाइन माध्यम से और दूसरा, ऑफलाइन माध्यम से। ऑनलाइन आवेदन चुनाव आयोग के मोबाइल अनुप्रयोग या आधिकारिक जालस्थल के माध्यम से किया जा सकता है। वहीं ऑफलाइन आवेदन जिलाधिकारी, अतिरिक्त जिलाधिकारी तथा महकमा अधिकारी के समक्ष किया जा सकता है।

बताया गया है कि यह ट्राइब्यूनल तत्काल प्रभाव से काम शुरू कर सकता है। सभी अपीलों का निपटारा होने के बाद इस ट्राइब्यूनल का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर