श्रावणी मेले को लेकर तारकेश्वर में प्रशासनिक बैठक, सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर
हुगली, 22 जून (हि. स.)। आगामी श्रावणी मेले को लेकर तारकेश्वर में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। लाखों श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए सोमवार को तारकेश्वर में एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेले के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात नियंत्रण, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, श्रावणी मेले के दौरान प्रमुख गंगा घाटों और तारकेश्वर जाने वाले मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। विशेष रूप से वैद्यबाटी, शेवड़ाफुली निमाईतीर्थ घाट सहित विभिन्न घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना और अत्यधिक भीड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। बैठक में बंगाल की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल के साथ हुगली के जिलाधिकारी खुर्शीद अली कादरी, तारकेश्वर के विधायक संतु पान एवं अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे।
बैठक में स्वास्थ्य, विद्युत, अग्निशमन, लोक निर्माण, परिवहन तथा आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेडिकल टीम, एंबुलेंस, शुद्ध पेयजल, अस्थायी शौचालय और विश्राम स्थलों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
प्रशासन ने इस वर्ष पर्यावरण-अनुकूल मेले के आयोजन पर भी विशेष बल दिया है। प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से सेवा कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने की योजना पर भी चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक और धार्मिक मेले में पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर बाबा तारकनाथ के मंदिर पहुंचते हैं और जलाभिषेक करते हैं।
श्रावणी मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

