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सियालदह स्टेशन : एसिड अटैक सर्वाइवर्स को उद्यमी बनाने की पहल, छांव फाउंडेशन को मिला ओएसओपी स्टॉल

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सियालदह स्टेशन : एसिड अटैक सर्वाइवर्स को उद्यमी बनाने की पहल, छांव फाउंडेशन को मिला ओएसओपी स्टॉल


कोलकाता, 02 अप्रैल (हि. स.)। सामाजिक समावेश और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सियालदह डिवीजन ने छांव फाउंडेशन के एसिड अटैक सर्वाइवर्स को 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' (ओएसओपी) स्टॉल प्रदान किया है। पूर्व रेलवे की ओर से गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया कि यह पहल इन साहसी व्यक्तियों को सम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता की यात्रा में एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में काम करेगी।

उल्लेखनीय है कि छांव फाउंडेशन शीरोज़ ऑनलाइन स्टोर भी चलाती है, जो एक सशक्त मंच है जहां हर उत्पाद 'साहस से तैयार और बदलाव के लिए क्यूरेट' किया गया है। वर्ष 2013 से, यह संस्था एसिड अटैक सर्वाइवर्स के समग्र पुनर्वास के लिए काम कर रही है, जिनके कारीगर के रूप में अविश्वसनीय कौशल हर हस्तनिर्मित उत्पाद को लचीलेपन का प्रतीक बनाते हैं। इस स्टॉल को प्रदान करके, सियालदह डिवीजन ने उनकी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और उनके हस्तशिल्प व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करने के लिए एक ठोस मंच प्रदान किया है।

ओएसओपी योजना भारतीय रेलवे की एक पहल है जो स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई है। यह रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्टॉल प्रदान करती है, जिससे स्वयं सहायता समूह और हाशिए के कारीगर यात्रियों की विशाल संख्या को स्वदेशी उत्पाद बेच सकते हैं।

यह पहल हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह के दौरान पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर द्वारा महिलाओं की भावना को सशक्त और सम्मानित करने के लिए परिकल्पित की गई थी।

उद्घाटन कार्यक्रम में राजीव सक्सेना, मंडल रेल प्रबंधक, सियालदह और वरिष्ठ मंडल अधिकारी, तथा निधि सक्सेना, अध्यक्ष, पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन (ईआरडब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूओ), सियालदह, अन्य ईआरडब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूओ सदस्यों के साथ उपस्थित रहीं।

यह पहल न केवल एसिड अटैक सर्वाइवर्स को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी, बल्कि समाज में उनके सम्मान और गरिमा को भी बहाल करने का एक सशक्त माध्यम साबित होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय