पूर्व मंत्री शशि पांजा का काकली घोष दस्तीदार से मुलाकात के बाद अटकलें तेज
कोलकाता , 02 अगस्त (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस के कई नेता ममता बनर्जी का साथ छोड़ चुके हैं। कई नेता ऋतब्रत बनर्जी के खेमे में शामिल हुए हैं, जबकि पार्टी के 20 सांसद एनसीपीआई में जा चुके हैं। इनमें कई पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। अब पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री और श्यामपुकुर की पूर्व विधायक शशि पांजा को लेकर भी राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। अटकलों को और हवा तब मिली, जब रविवार सुबह काकली घोष दस्तीदार के पुत्र वैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि शशि पांजा बहुत जल्द तृणमूल छोड़ने वाली हैं। हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने यह पोस्ट हटा दिया।
शनिवार को शशि पांजा ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास से करीब 800 मीटर दूर स्थित काकली घोष दस्तीदार के फर्टिलिटी क्लिनिक पहुंचीं। काकली उन 20 पूर्व तृणमूल सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने एनसीपीआई का दामन थाम लिया है। एनसीपीआई केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की सहयोगी पार्टी भी है।
हाल ही में एनडीए की बैठक में काकली घोष दस्तीदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करती भी नजर आई थीं।
शशि पांजा और काकली घोष दस्तीदार दोनों पेशे से डॉक्टर रही हैं, हालांकि अब चिकित्सा कार्य नहीं करतीं। बताया जा रहा है कि शनिवार को दोनों नेताओं के बीच क्लिनिक में करीब दो घंटे तक बैठक हुई। हालांकि शशि पांजा ने क्लिनिक जाने के कारण को सिर्फ यूं ही बताया, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इस मुलाकात को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इस मामले में शशि पांजा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने न तो फोन उठाया और न ही संदेश का कोई जवाब दिया।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में श्यामपुकुर सीट से भाजपा उम्मीदवार पूर्णिमा चक्रवर्ती ने शशि पांजा को 14 हजार 633 वोटों से हराया था। शशि की बेटी पूजा पांजा कोलकाता नगर निगम की पार्षद रह चुकी हैं और 21 जुलाई को कालीघाट में तृणमूल की सभा में भी मौजूद थीं। इससे माना जा रहा था कि शशि अब भी ममता बनर्जी के साथ हैं, लेकिन काकली घोष दस्तीदार से उनकी मुलाकात ने एक बार फिर राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

