अब प्रताड़ितों का सम्मान लौटाने की बारी : शंकर घोष
सिलीगुड़ी, 06 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए तृणमूल कांग्रेस को लगभग साफ कर दिया है। सिलीगुड़ी विधानसभा सीट से बीजेपी के शंकर घोष ने एक बार फिर बड़ी जीत हासिल की है।
राज्य में भारी बहुमत के साथ सरकार बनाने की ओर बढ़ रही बीजेपी को लेकर अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या वह सिलीगुड़ी नगर निगम पर भी कब्जा करेगी? हालांकि, इस मुद्दे पर शंकर घोष ने साफ किया कि वह व्यक्तिगत रूप से ऐसा नहीं चाहते।
हिन्दुस्थान समाचार से बात करते हुए शंकर घोष ने कहा, “हम बहुत दबाव और कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे थे। हमारी जीत के पीछे कई लोगों का बलिदान है। कई लोग बेघर हुए, कई महिलाओं पर अत्याचार हुआ। यह जीत उन सभी लोगों की है और उनका सम्मान लौटाने की जिम्मेदारी हमारी है। हम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।”
शंकर घोष ने आगे कहा कि शहर के विकास के लिए वह हर संभव कदम उठाएंगे और खासकर पेयजल व नागरिक सेवाओं पर ध्यान देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकास के मुद्दों पर वह पूर्व मेयर गौतम देव और वरिष्ठ माकपा नेता अशोक भट्टाचार्य से भी सलाह लेने को तैयार हैं।
गौरतलब है कि शंकर घोष ने लगातार दो चुनावों में शहर के दिग्गज नेताओं को हराकर “जायंट किलर” की छवि बनाई है। उन्होंने 2021 में माकपा के दिग्गज अशोक भट्टाचार्य को हराया और फिर 2026 में पूर्व मंत्री और सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव को बड़े अंतर से मात दी।
2026 के चुनाव परिणामों के अनुसार, शंकर घोष को 1,20,760 वोट (करीब 65.78%) मिले, जबकि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार गौतम देव को 47,568 वोट (25.91%) मिले। जीत का अंतर 73,192 वोट रहा।
जीत के बाद शंकर घोष ने इस कामयाबी को अपनी मां, परिवार और दिवंगत पार्टी कार्यकर्ताओं को समर्पित किया है। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि सिद्धांतों की लड़ाई थी। जनता ने ईवीएम के जरिए अपना जवाब दे दिया है।”
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

