शिक्षक दिवस पर गुरु के घर पहुंचे मंत्री शंकर घोष, पैर छूकर लिया आशीर्वाद; भावुक हुए बचपन के शिक्षक
सिलीगुड़ी, 05 सितंबर (हि. स.)। शिक्षक दिवस के मौके पर राज्य के मंत्री और सिलीगुड़ी के विधायक शंकर घोष ने अपने बचपन के शिक्षक सुखमय दास से मुलाकात कर गुरु-शिष्य परंपरा की मिसाल पेश की है। शनिवार को शंकर घोष अपने पुराने शिक्षक के घर पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने शिक्षक को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सम्मान भी किया।
काफी वर्षों बाद अपने पूर्व छात्र को इस तरह घर पर देखकर शिक्षक सुखमय दास भावुक हो गए।
उन्होंने अपने छात्र के साथ बिताए पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि बचपन से ही शंकर पढ़ाई में बेहद मेधावी थे। उन्हें तभी महसूस हो गया था कि शंकर में कुछ अलग करने की क्षमता है।
सुखमय दास ने कहा कि उनके कई पुराने छात्र आज जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में ऊंचे मुकाम पर पहुंच चुके हैं। इनमें शंकर घोष भी शामिल हैं, जो राजनीति के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए आज राज्य सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शंकर का उनके घर आकर पैर छूना उनके लिए बेहद भावुक और गर्व का क्षण था।
शिक्षक ने बताया कि उनके घर के नीचे स्थित एक कमरे में कभी वह छात्र-छात्राओं को पढ़ाया करते थे। उसी कमरे में पढ़ने वाला उनका छात्र आज सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहा है।
शिक्षक सुखमय दास ने कहा कि एक गुरु के लिए इससे बड़ी खुशी और गर्व की बात क्या हो सकती है कि उसका शिष्य जीवन में सफलता हासिल कर आगे बढ़े और वर्षों बाद भी अपने गुरु को याद रखे।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

