ममता बनर्जी के साथ रहने का विधायक शमीम अहमद ने आयोग को दिया भरोसा
कोलकाता, 06 नवंबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान के बीच मोगराहाट पश्चिम के विधायक शमीम अहमद ने अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने चुनाव आयोग को ई-मेल भेजकर बताया है कि वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के साथ हैं। साथ ही उन्होंने आयोग से अनुरोध किया है कि यदि ऋतब्रत बनर्जी के गुट की ओर से उनके नाम पर कोई हलफनामा जमा किया जाता है तो उसे स्वीकार नहीं किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह ममता बनर्जी के समर्थन में अपना हलफनामा दे चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के बाद शमीम अहमद ऋतब्रत बनर्जी के गुट में शामिल हो गए थे। ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाए जाने के समर्थन में जिन विधायकों ने हस्ताक्षर किए थे, उनमें शमीम अहमद का नाम भी शामिल था। हालांकि गुरुवार रात उन्हें अभिषेक बनर्जी के साथ देखा गया। इसके बाद उन्होंने रात में ही चुनाव आयोग को ई-मेल भेजकर ममता बनर्जी के प्रति अपना समर्थन स्पष्ट कर दिया।
इससे पहले अगस्त महीने में आमडांगा के विधायक कासेम सिद्दीकी भी ऋतब्रत गुट छोड़कर ममता बनर्जी के समर्थक गुट में लौट आए थे। उन्होंने तृणमूल विधायक कुणाल घोष के साथ संवाददाता सम्मेलन कर कहा था कि उन्हें गलत जानकारी देकर ऋतब्रत गुट में शामिल कराया गया था और उस समय कुछ समय के लिए भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। उन्होंने दावा किया था कि वह ममता बनर्जी के साथ हैं। इसी दौरान कुणाल घोष ने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस के अधिकांश विधायक कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के साथ हैं। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर गुप्त मतदान के माध्यम से सदन में बहुमत परीक्षण कराने की चुनौती भी दी थी।
विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद ममता बनर्जी के गुट से कई विधायकों के ऋतब्रत बनर्जी के खेमे में जाने की खबरें सामने आई थीं। अब इसके विपरीत भी स्थिति देखने को मिल रही है। ऋतब्रत गुट छोड़कर कई विधायक फिर से ममता बनर्जी के खेमे में लौट रहे हैं। इससे पहले बशीरहाट उत्तर के विधायक तौसीफुर रहमान और बारुईपुर पूर्व के विधायक विभास सरदार भी ममता बनर्जी के गुट में वापस आ चुके हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

