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दुर्गापूजा समितियों पर राजनीतिक कब्जे के खिलाफ शमिक भट्टाचार्य बोले- किसी पूजा समिति का अध्यक्ष नहीं बनूंगा

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दुर्गापूजा समितियों पर राजनीतिक कब्जे के खिलाफ शमिक भट्टाचार्य बोले- किसी पूजा समिति का अध्यक्ष नहीं बनूंगा


कोलकाता, 14 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रमुख दुर्गापूजा समितियों की कमान किसके हाथ में होगी, इसे लेकर चल रही अटकलों पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने विराम लगा दिया है। मंगलवार को उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वह न केवल कॉलेज स्क्वायर दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष नहीं बनेंगे, बल्कि राज्य की किसी भी दुर्गापूजा समिति का अध्यक्ष पद या संचालन की जिम्मेदारी भी स्वीकार नहीं करेंगे।

शमिक भट्टाचार्य ने एक्स पर जारी संदेश में कहा कि दुर्गापूजा जनता का उत्सव है, किसी राजनीतिक दल का नहीं। उन्होंने बताया कि कॉलेज स्क्वायर दुर्गापूजा समिति की ओर से उन्हें अध्यक्ष बनने का अनुरोध किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। हालांकि, समिति की ओर से खूंटी पूजा के लिए दिए गए आमंत्रण का सम्मान करते हुए वह आगामी गुरुवार को कार्यक्रम में शामिल होंगे, लेकिन किसी पद पर नहीं रहेंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अपने संदेश के जरिए पार्टी के नेताओं, सांसदों और विधायकों को भी स्पष्ट संकेत दिया कि दुर्गापूजा समितियों पर राजनीतिक दखल नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि त्योहारों का संचालन समाज के लोगों के हाथ में रहना चाहिए, न कि राजनीतिक दलों के नियंत्रण में।

गौरतलब है कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कोलकाता सहित राज्य की छोटी-बड़ी कई दुर्गापूजा समितियों पर राजनीतिक प्रभाव को लेकर लगातार आरोप लगते रहे थे।

विपक्ष का आरोप था कि कई समितियों को प्रशासनिक मंजूरी और सरकारी सहयोग के लिए सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं से जुड़ना पड़ता था। कुछ पूजा समितियों पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए थे।

हाल ही में कोलकाता की चर्चित सुरुचि संघ दुर्गापूजा समिति में बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। समिति का नया सचिव उत्तर दमदम के भाजपा विधायक सौरभ शिकदार को बनाया गया है। वहीं, पूर्व मंत्री अरूप विश्वास को मुख्य सलाहकार के पद से हटा दिया गया है और लंबे समय तक सचिव रहे स्वरूप विश्वास भी नई समिति में शामिल नहीं हैं। इसके बाद कॉलेज स्क्वायर दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष पद को लेकर शमिक भट्टाचार्य का नाम चर्चा में आया था।

अब इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने साफ कहा है कि दुर्गापूजा सर्वजन का उत्सव है और इसे किसी भी राजनीतिक दल की पहचान या नियंत्रण से दूर रखा जाना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर