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सरकार की अपील का असर : कोलकाता की सात बड़ी दुर्गापूजा समितियां नहीं लेंगी एक लाख रुपये का अनुदान

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सरकार की अपील का असर : कोलकाता की सात बड़ी दुर्गापूजा समितियां नहीं लेंगी एक लाख रुपये का अनुदान


कोलकाता, 08 सितंबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दुर्गापूजा समितियों को घोषित एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अपील का असर दिखाई देने लगा है। कोलकाता की सात बड़ी और लोकप्रिय दुर्गापूजा समितियों ने इस वर्ष सरकारी अनुदान के लिए आवेदन नहीं करने का फैसला किया है।

इन समितियों में राजडांगा नव उदय संघ, संतोषपुर लेक पल्ली, टाला प्रत्यय, चोरबागान सार्वजनिन, नाकतला उदयन संघ, संतोष मित्र स्क्वायर और फूलबागान सार्वजनिन शामिल हैं।

राजडांगा नबा उदय संघ ने एक लाख रुपये की सरकारी सहायता लेने के बजाय यह राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला किया है। समिति की अध्यक्ष और भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता केया घोष ने इसकी जानकारी दी।

सभी सात पूजा समितियों ने सोशल मीडिया के जरिए सरकारी अनुदान नहीं लेने के अपने फैसले की घोषणा की है। संतोषपुर लेक पल्ली ने अपने संदेश में मुख्यमंत्री को अनुदान की घोषणा के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि समिति यह सहायता स्वीकार नहीं करेगी।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को दुर्गापूजा आयोजकों के साथ हुई बैठक में कहा था कि सरकार छोटी पूजा समितियों को आवेदन के बाद एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। हालांकि, उन्होंने बड़े बजट वाली उन पूजा समितियों से सरकारी अनुदान नहीं लेने की अपील की थी, जो अपने स्तर पर धन जुटाने में सक्षम हैं।

भाजपा विधायक और पूजा आयोजक सजल घोष ने एक्स पर कहा कि उनके साथ जुड़ी संतोष मित्र स्क्वायर पूजा समिति ने पहले भी सरकारी आर्थिक सहायता स्वीकार नहीं की है और इस वर्ष भी वह अनुदान नहीं लेगी।

सरकारी सहायता के इच्छुक पूजा आयोजकों को संबंधित पुलिस थाने के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके बाद आवेदनों की जांच की जाएगी और निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत पुलिस प्रशासन के माध्यम से उन्हें आगे भेजा जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर