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हलफनामे से उभरी भाजपा उम्मीदवार भास्कर भट्टाचार्य की सादगी

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हलफनामे से उभरी भाजपा उम्मीदवार भास्कर भट्टाचार्य की सादगी


हुगली, 13 अप्रैल (हि.स.)। विधानसभा चुनाव के बीच श्रीरामपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार भास्कर भट्टाचार्य का चुनावी हलफनामा सामने आया है, जिसने उनकी सादगी, पारदर्शिता और संतुलित जीवनशैली को उजागर किया है। श्रीरामपुर से गहरा जुड़ाव रखने वाले भट्टाचार्य एक अनुभवी अधिवक्ता और कॉर्पोरेट पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार के रूप में पहचाने जाते हैं।

भास्कर भट्टाचार्य की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी दमदार है। उन्होंने श्रीरामपुर कॉलेज से बी.कॉम (ऑनर्स), सुरेंद्र नाथ लॉ कॉलेज से एलएलबी और कोलकाता से व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में उनका अनुभव उनके प्रशासनिक कौशल को भी दर्शाता है।

हलफनामे के अनुसार, उनकी आय में पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव देखा गया है, लेकिन समग्र रूप से उनकी आर्थिक स्थिति स्थिर रही है। वर्ष 2020-21 में करीब 3 लाख रुपये की आय 2023-24 में बढ़कर लगभग 19.5 लाख रुपये तक पहुंची, जबकि 2024-25 में यह घटकर करीब 16 लाख रुपये रह गई। उनकी पत्नी सुपर्णा भट्टाचार्य की आय सीमित है, जो एक सामान्य मध्यमवर्गीय पारिवारिक पृष्ठभूमि को दर्शाती है।

संपत्ति के लिहाज से भास्कर भट्टाचार्य की कुल घोषित संपत्ति लगभग 1.53 करोड़ रुपये है। इसमें करीब 92 लाख रुपये की चल संपत्ति और लगभग 61 लाख रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। बैंक जमा, म्यूचुअल फंड निवेश, एक निजी वाहन और सीमित सोना उनकी चल संपत्ति का हिस्सा हैं, जबकि श्रीरामपुर स्थित फ्लैट और एक व्यावसायिक कक्ष उनकी अचल संपत्ति में प्रमुख हैं।

देनदारियों की बात करें तो उनके ऊपर केवल करीब 96 हजार रुपये का कार लोन बकाया है और किसी प्रकार का अन्य सरकारी या निजी बकाया नहीं है। यह उनकी वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन को दर्शाता है।

आपराधिक रिकॉर्ड के संदर्भ में हलफनामे में केवल एक मामूली मामला दर्ज है, जिसमें अब तक न तो कोई आरोप तय हुआ है और न ही कोई सजा हुई है।

कुल मिलाकर, भास्कर भट्टाचार्य का हलफनामा एक ऐसे उम्मीदवार की तस्वीर पेश करता है, जिसकी छवि साफ-सुथरी, संतुलित और अपेक्षाकृत विवाद-मुक्त है। चुनावी मैदान में यह प्रोफाइल मतदाताओं के बीच किस हद तक प्रभाव डालता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय