नाटक में जय श्री राम बोलने पर कॉलेज छात्रों को धमकी देने का आरोप
कोलकाता, 26 सितंबर (हि. स.)। कोलकाता के प्रतिष्ठित स्कॉटिश चर्च कॉलेज में एक नाटक को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। कॉलेज के छात्रों के एक वर्ग ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित 'नमो सेवा अनटोल्ड स्टोरीज' नामक नाटक में भाग लेने वाले छात्रों को जय श्री राम की नारेबाजी पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इसके अलावा कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि इससे इनकार करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है।
हालांकि, कॉलेज की प्रिंसिपल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
छात्रों का दावा है कि नाटक की स्क्रिप्ट में कथित तौर पर राजनीतिक संदर्भ हैं और दर्शकों से 'जय श्री राम' के नारे लगाने की अपील की गई है, जिसके चलते ड्रामा क्लब के कई छात्रों ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। यह नाटक 29 सितंबर को कॉलेज के ऑडिटोरियम में मंचित किया जाना है। छात्रों के दूसरे वर्ग का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवनी पर मंचित होने वाले इस नाटक में एक जगह जय श्री राम का नारा भी लगाया जाना है जिसे लेकर उन्हें धमकी दी गई कि इस तरह नारेबाजी करने पर उनका भविष्य बर्बाद कर दिया जाएगा।
इस विवाद ने तब राजनीतिक रूप ले लिया जब विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस मुद्दे से जुड़ी एक न्यूज़ क्लिपिंग साझा की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, क्या कोलकाता के कॉलेजों में 'जय श्री राम' पर प्रतिबंध है? मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, कृपया इस पर ध्यान दें। उन्होंने इस पोस्ट में कोलकाता पुलिस को भी टैग किया है।
एक छात्र ने आरोप लगाया कि 24 सितंबर को हुई एक ऑनलाइन बैठक के दौरान उन्हें चेतावनी दी गई थी कि नाटक में भाग न लेने पर उनके आंतरिक परीक्षा (इंटरनल एग्जाम) के अंकों और प्रोजेक्ट मूल्यांकन पर बुरा असर पड़ सकता है। छात्रों का दावा है कि उन पर बार-बार अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का दबाव डाला गया। हालांकि, छात्र के अनुसार, शुक्रवार (25 सितंबर) को जब कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप में सार्वजनिक रूप से यह मुद्दा उठाया गया, तो कॉलेज प्रशासन के रवैये में बदलाव आ गया।
छात्रों द्वारा लगाए गए जबरदस्ती और धमकी के आरोपों को नकारते हुए, प्रिंसिपल मधुमंजरी मंडल ने शनिवार को बताया कि नाटक में भागीदारी पूरी तरह से स्वैच्छिक थी। उन्होंने कहा कि कॉलेज केवल राज्य उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों का पालन कर रहा है।
प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि हमें प्रधानमंत्री के जन्मदिन और उनके जनसेवा के वर्षों को मनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग के आदेश का पालन करना था। ड्रामा क्लब के कुछ सदस्यों ने शायद इस पर आपत्ति जताई होगी, लेकिन हमने किसी पर कोई फरमान नहीं थोपा है।
छात्रों के मानसिक तनाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि कॉलेज को ऐसे किसी भी मामले की जानकारी नहीं है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य द्वारा संचालित उच्च शिक्षण संस्थानों को 17 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत नाटक मंचन, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन करने का निर्देश दिया है, ताकि प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन को मनाया जा सके। इसी कैलेंडर के अनुसार स्कॉटिश चर्च कॉलेज में भी इन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

