स्कूलों में पास-फेल व्यवस्था बहाल करने और मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
कोलकाता, 25 अक्टूबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को स्कूलों में पास-फेल व्यवस्था बहाल करने और मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भारतीय इतिहास, पश्चिम बंगाल के इतिहास और आधुनिक भाषाओं की शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें राष्ट्रवादी विचारों का संचार करना आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक स्कूल में ब्रतचारी, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की गतिविधियां फिर से शुरू करने की भी आवश्यकता बताई।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को चोरबागान में भगदड़ में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों से मिलने के लिए रामनगर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने जहां चित्रकार जोगेन चौधरी के निधन पर चर्चा की, वहीं अपने बयान में कहा कि 'कॉकरोच, खटमल और दिमागी नक्सली कोरोना वायरस हैं।'
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाना और पास-फेल व्यवस्था वापस लाना जरूरी है। भारत का इतिहास, पश्चिम बंगाल का इतिहास और आधुनिक भाषाओं की शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में इनका संचार करना चाहिए। ब्रतचारी, एनएसएस और प्रत्येक स्कूल में एनसीसी को फिर से शुरू किया जाना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने एनसीसी को हटाकर जय हिंद वाहिनी शुरू की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता बनर्जी ने ब्रतचारी बंद करने जैसा काम किया। मां को अम्मा सिखाया गया। इंद्रधनुष को रंगधनुष कहा गया। फूफू और बुबू जैसे शब्द सिखाए गए। सिंगूर से टाटा को जिन्होंने बाहर निकाला, उनकी बातें छोटे बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल हैं। अगले शैक्षणिक सत्र में आपको कई बदलाव देखने को मिलेंगे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि विद्यार्थियों में तबला, हारमोनियम, गिटार, सितार और खंजनी सहित विभिन्न वाद्ययंत्रों के प्रति रुचि और सांस्कृतिक प्रतिभा विकसित करना भी आवश्यक है। प्रत्येक स्कूल में इन वाद्ययंत्रों के अभ्यास की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि हर स्कूल में एनएसएस और एनसीसी को फिर से शुरू किया जाना चाहिए।
इससे पहले भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बच्चे को मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम करके पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी थी। रविवार को भी उन्होंने विद्यार्थियों के मोबाइल इस्तेमाल को सीमित करने, उन्हें ब्रतचारी, एनएसएस और एनसीसी की गतिविधियों से जोड़ने तथा उनकी सांस्कृतिक प्रतिभा को पहचानने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को राष्ट्रवादी बनाने की जरूरत है, ताकि वे कॉकरोच और दिमागी नक्सलियों का मुकाबला कर सकें। उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यार्थियों में राष्ट्रवादी विचार विकसित करने के लिए प्रत्येक वर्ष कम से कम तीन दिन वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर कॉकरोचों को भगाने के लिए स्प्रे की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 34 वर्षों तक सत्ता में रहे नास्तिक कम्युनिस्टों और 15 वर्षों तक शासन करने वालों ने राज्य की परंपरा और विरासत को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने एक बार फिर ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि एनसीसी को हटाकर जय हिंद वाहिनी शुरू की गई थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

