कोलकाता पहुंचे सतपाल जी महाराज का आह्वान - आध्यात्मिक ज्ञान जन-जन तक पहुंचे
कोलकाता, 12 जुलाई (हि. स.)। प्रख्यात समाजसेवी एवं आध्यात्मिक गुरु सतपाल जी महाराज ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान को देशव्यापी जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक घर-घर में आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार-प्रसार नहीं होगा, तब तक मनुष्य अपनी वास्तविक शक्ति को नहीं पहचान पाएगा और राष्ट्रसेवा व देशभक्ति की भावना भी पूर्ण रूप से विकसित नहीं होगी।
कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम, बाबूघाट में आयोजित एक दिवसीय सद्भावना सम्मेलन को संबोधित करते हुए महाराज ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान मनुष्य के भीतर निहित शक्ति का जागरण करता है। इसी ज्ञान से व्यक्ति अपने जीवन का उद्देश्य समझता है और समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित होता है।
अखिल भारतीय सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से न्यू अलीपुर स्थित मां राजेश्वरी मंदिर के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि सच्चे संत पूरे समाज के कल्याण की कामना करते हैं। उन्होंने सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः का उल्लेख करते हुए कहा कि संत किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करते, क्योंकि महापुरुषों का अवतार मानवता और विश्व कल्याण के लिए होता है।
उन्होंने लोगों से सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नकारात्मक विचार व्यक्ति और समाज दोनों की प्रगति में बाधा बनते हैं। यदि समाज में सद्भाव, आपसी प्रेम और सहयोग की भावना मजबूत होगी, तभी देश विकास के मार्ग पर आगे बढ़ सकेगा।
सतपाल जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं से भगवान की भक्ति के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति की भावना को भी जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति का वास्तविक उत्थान संभव है। इसलिए समय-समय पर ऐसे आध्यात्मिक जागरण कार्यक्रमों का आयोजन समाज के लिए आवश्यक है।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम से पहले समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने श्री सतपाल जी महाराज का पुष्पमालाओं से स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

