अशोकनगर तेलक्षेत्र में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं, काम में तेजी लाना लक्ष्य : शमिक भट्टाचार्य
उत्तर 24 परगना, 20 सितंबर (हि. स.)। अशोकनगर के बैगाछी स्थित ओएनजीसी तेलक्षेत्र का रविवार को निरीक्षण करने पहुंचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने अधिकारियों के सामने कहा कि परियोजना के कामकाज और संचालन में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा का कोई कार्यकर्ता, सांसद या विधायक परियोजना के संचालन संबंधी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। उनका कहना था कि राज्य के खनिज और प्राकृतिक संसाधनों को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए और इस मामले में राजनीतिक विभाजन की कोई जगह नहीं है।
शमिक भट्टाचार्य ने परियोजना में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, इसके पहले हुई देरी को लेकर पूर्ववर्ती राज्य सरकार के असहयोग का आरोप भी लगाया। पेट्रोलियम माइनिंग लीज (पीएमएल) के संबंध में उन्होंने दावा किया कि पेट्रोलियम मंत्री ने उन्हें बताया था कि संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री को 19 पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
हालांकि, केंद्र सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार, ओएनजीसी ने नवंबर 2024 में अशोकनगर ब्लॉक के लिए पीएमएल का अनुरोध किया था और पश्चिम बंगाल सरकार ने फरवरी 2025 में 99.06 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लिए प्रोविजनल पीएमएल जारी किया था। इसके बाद पांच विकास कुओं के लिए आवश्यक 13.49 एकड़ जमीन ओएनजीसी को दी गई थी।
अशोकनगर परियोजना से शमिक भट्टाचार्य की सक्रियता का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि ऑयल इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक रहने के दौरान भी परियोजना के अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया था। परियोजना में ऑयल इंडिया की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने दावा किया कि बोर्ड की बैठकों में इस मुद्दे को उठाने के साथ-साथ उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी पत्र लिखा था। राज्यसभा सांसद रहने के दौरान भी उन्होंने विभिन्न अवसरों पर अशोकनगर परियोजना का मुद्दा उठाने की बात कही।
गौरतलब है कि अशोकनगर के बैगाछी तेलक्षेत्र से 28 अगस्त 2026 को वाणिज्यिक कच्चे तेल का उत्पादन और परिवहन शुरू हुआ था। पहली खेप करीब 12 हजार लीटर कच्चे तेल की थी, जिसे टैंकर के जरिए हल्दिया रिफाइनरी भेजा गया।
ओएनजीसी के अनुसार, फिलहाल उत्पादन बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कुओं की योजना है। रिपोर्टों के मुताबिक कंपनी ने आगे चार-पांच या उससे अधिक कुएं विकसित करने की तैयारी की है और उत्पादन बढ़ने पर प्रतिदिन करीब 15 हजार से 20 हजार लीटर कच्चे तेल के परिवहन का लक्ष्य रखा गया है।
शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि अशोकनगर के अलावा रानाघाट में प्राकृतिक गैस तथा बंगाल की खाड़ी के बंगाल ऑफशोर क्षेत्र में तेल की खोज से संबंधित गतिविधियां भी चल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि अशोकनगर परियोजना के विस्तार से उत्तर 24 परगना में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

