home page

सालानपुर : ट्रक की चपेट में आने से बुजुर्ग घायल

 | 
सालानपुर : ट्रक की चपेट में आने से बुजुर्ग घायल


पश्चिम बर्दवान, 08 अगस्त (हि. स.)। सालानपुर थाना अंतर्गत चित्तरंजन-आसनसोल रोड स्थित देंदुआ मोड़ पर शनिवार को तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से 70 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल बुजुर्ग की पहचान देंदुआ निवासी करुणामय दे (70) के रूप में हुई है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इससे करीब एक घंटे तक सड़क पर यातायात प्रभावित रहा।

बताया जाता है कि शनिवार को डाबर मोड़ की ओर से एक मालवाहक ट्रक देंदुआ मोड़ पर कल्याणेश्वरी की ओर मुड़ रहा था। इसी दौरान सड़क पार कर रहे करुणामय दे ट्रक की चपेट में आ गए। दुर्घटना में ट्रक का अगला पहिया उनके शरीर के ऊपर से गुजर गया, जिससे कमर से लेकर दाहिने पैर तक गंभीर चोटें आईं।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की व्यवस्था और घायल को अस्पताल पहुंचाने को लेकर नाराजगी जताई।

लोगों का कहना था कि देंदुआ मोड़ जैसे व्यस्त चौराहे पर पुलिस की तैनाती के बावजूद दुर्घटना हुई। हादसे के बाद मौके पर पुलिस वाहन या एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर भी लोगों ने सवाल उठाए।

बाद में ईसीएल की एक गाड़ी से घायल बुजुर्ग को इलाज के लिए आसनसोल जिला अस्पताल भेजा गया। घटना की सूचना मिलने के बाद सालानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को रोककर स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

करीब एक घंटे तक सड़क जाम रहने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस की ओर से आर्थिक सहायता दिए जाने और हरसंभव मदद का आश्वासन मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि देंदुआ मोड़ पर लगातार लगने वाला भारी जाम दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रहा है। इसके अलावा ईसीएल के परिवहन वाहनों के सड़क किनारे खड़े रहने से भी यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। लोगों के अनुसार, पहले इस इलाके में ‘नो एंट्री’ व्यवस्था लागू थी, लेकिन पिछले करीब तीन महीनों से इसे हटा दिया गया है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से देंदुआ मोड़ पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने, भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा