चुनाव बाद हिंसा के आरोप में सलानपुर के तृणमूल प्रधान गिरफ्तार
आसनसोल, 16 सितंबर (हि. स.)। पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल के सलानपुर ब्लॉक अंतर्गत कल्या ग्राम पंचायत के तृणमूल कांग्रेस प्रधान श्रीकांत पात्र को चुनाव बाद हिंसा, घरों और वाहनों में तोड़फोड़ तथा मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार रात सलानपुर थाना क्षेत्र की रूपनारायणपुर चौकी की पुलिस ने उन्हें चयनपुर गांव स्थित उनके घर से हिरासत में लिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बुधवार को पुलिस ने आरोपित को आसनसोल अदालत में पेश कर सात दिनों की पुलिस हिरासत की मांग की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बादल पात्र नामक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। श्रीकांत पात्र इलाके में तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली और सक्रिय नेता माने जाते हैं। वह पहले कल्या ग्राम पंचायत के उपप्रधान थे और बाद में पंचायत प्रधान बने। सलानपुर के चर्चित रॉयल क्लब की सार्वजनिक दुर्गापूजा के मुख्य आयोजकों में शामिल होने के कारण इलाके में उनकी पहचान बनी।
हाल के विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद हुई विभिन्न हिंसक घटनाओं में उनका नाम सामने आने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद से वह कथित तौर पर पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उनकी तलाश में कई स्थानों पर छापेमारी भी की गई थी। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों के एक वर्ग में राहत का माहौल देखा गया।
इधर, श्रीकांत पात्र की कथित संपत्ति में तेजी से हुई बढ़ोतरी को लेकर भी स्थानीय स्तर पर कई आरोप सामने आए हैं। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने से पहले उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। आरोप है कि उनके पिता चॉप-सिंगाड़े की दुकान चलाते थे, जबकि श्रीकांत खुद कोयला ढोने का काम करते थे। बाद में राजनीतिक प्रभाव बढ़ने के साथ उन पर कथित तौर पर जमीन, बेनामी संपत्ति और झारखंड में कारोबार में हिस्सेदारी अर्जित करने के आरोप लगाए गए।
स्थानीय लोगों की ओर से कोयला, बालू और पत्थर के कारोबार से संबंध होने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीणों ने जमीन के बदले कोलियरी में नौकरी दिलाने जैसे आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस का कहना है कि हिरासत में पूछताछ के दौरान हिंसा से जुड़े मामलों के साथ-साथ इलाके में कथित अवैध कारोबार और आरोपित के प्रभाव से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जाएगी। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश होगी कि इन गतिविधियों में और कौन-कौन लोग कथित रूप से शामिल रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

