बर्नपुर में अवैध अतिक्रमण पर सेल-आईएसपी की सख्ती, तृणमूल कार्यालयों समेत कई दुकानों को नोटिस
कोलकाता, 12 मई (हि. स.)। बर्नपुर स्थित सेल आइएसपी प्रबंधन ने पश्चिम बर्दवान जिले के बर्नपुर स्टील टाउनशिप क्षेत्र में कथित अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ बड़े अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में हालिया राजनीतिक बदलाव के बाद आईएसपी प्रशासन सख्त दिखाई दे रहा है। स्टेशन रोड, बारी मैदान, बर्नपुर बस स्टैंड और नरसिंह बांध इलाके में स्थित कई तृणमूल कांग्रेस पार्टी कार्यालयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों को 10 दिनों के भीतर जगह खाली करने का नोटिस जारी किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, नोटिस पाने वालों में आसनसोल नगर निगम के पार्षद एवं पूर्व तृणमूल छात्र परिषद प्रदेश अध्यक्ष अशोक रुद्र का स्टेशन रोड स्थित कार्यालय, तृणमूल ब्लॉक अध्यक्ष टीपू उर्फ पूर्णेंदु चौधरी का पार्टी कार्यालय, उत्पल सेन और तृणमूल ट्रेड यूनियन आइएनटीटीयूसी के कार्यालय, वार्ड संख्या 77 के पार्षद गुरमीत सिंह का कार्यालय और पार्टी कार्यालय शामिल हैं। बारी मैदान और बर्नपुर बस स्टैंड के आसपास स्थित कई दुकानों और कार्यालयों को भी इसी प्रकार के नोटिस दिए गए हैं। स्थानीय दबंग माने जाने वाले चंचल सिंह को भी नोटिस जारी किया गया है।
पिछले गुरुवार रात आईएसपी के डीजीएम (एस्टेट) शुभम पटेल ने हीरापुर थाना पहुंचकर कथित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि सेल आईएसपी की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया गया है, इसलिए उन्हें हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित सभी पक्षों को 10 दिनों के भीतर जमीन खाली करनी होगी। आदेश का पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई के साथ अवैध ढांचों को ध्वस्त भी किया जा सकता है।
नौ मई को शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद यह कार्रवाई तेज हुई है। आसनसोल दक्षिण की विधायक और राज्य कैबिनेट मंत्री अग्निमित्रा पाल बर्नपुर स्टील टाउनशिप में अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं। खासकर तब, जब केंद्र सरकार यहां लगभग 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से एक नए ग्रीनफील्ड यूनिट की स्थापना की योजना बना रही है।
उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया था कि जर्मन इंजीनियर एफडब्ल्यूए लाहमेयर द्वारा योजनाबद्ध बर्नपुर स्टील टाउनशिप, जिसे कभी वास्तुकला, लैंडस्केपिंग और सुंदरता के कारण लुटियंस दिल्ली से तुलना की जाती थी, वर्षों में अवैध कंक्रीट अतिक्रमणों के कारण बदहाल और भीड़भाड़ वाला हो गया है।
पश्चिम बंगाल में नयी सरकार बनने के बाद माना जा रहा है कि हीरापुर पुलिस और सीआइएसएफ की सहायता से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया बिना बड़े विरोध के पूरी की जा सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

