सेल-आईएसपी की 4.08 एमटीपीए विस्तार परियोजना को बड़ी मजबूती
पश्चिम बर्दवान, 22 जुलाई (हि. स.)। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के आईआईएससीओ स्टील प्लांट (आईएसपी), बर्नपुर ने अपनी 4.08 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) कच्चा इस्पात विस्तार परियोजना के तहत ब्लास्ट फर्नेस कॉम्प्लेक्स (पैकेज संख्या बीएफ-1ए) के लिए बेल-लेस टॉप चार्जिंग इक्विपमेंट का महत्वपूर्ण अनुबंध किया है।
87.15 करोड़ रुपये (आईटीसी को छोड़कर) मूल्य का यह अनुबंध नई दिल्ली की एम/एस एसएमएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को प्रदान किया गया है। अनुबंध के प्रभावी होने की तिथि से 34 माह के भीतर इस परियोजना को पूरा किया जाएगा।
अनुबंध पर हस्ताक्षर समारोह 21 जुलाई 2026 को सेल-आईएसपी, बर्नपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सेल-आईएसपी के कार्यपालक निदेशक (परियोजना) तथा एम/एस एसएमएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के उपाध्यक्ष उपस्थित रहे।
इस पैकेज के अंतर्गत पांच हजार 650 घन मीटर क्षमता वाले ब्लास्ट फर्नेस के लिए पूर्ण बेल-लेस टॉप चार्जिंग सिस्टम का डिजाइन, इंजीनियरिंग, निर्माण, आपूर्ति, परीक्षण, स्थापना की निगरानी, कमीशनिंग तथा प्रदर्शन की गारंटी शामिल है। इसके अलावा प्रेशर इक्वलाइजिंग एवं रिलीफ सिस्टम, ब्लास्ट फर्नेस टॉप ब्लीडर वाल्व, सेमी-क्लीन गैस ब्लीडर वाल्व, इलेक्ट्रिकल एवं ऑटोमेशन सिस्टम, इंस्ट्रूमेंटेशन एवं कंट्रोल, हाइड्रोलिक एवं लुब्रिकेशन सिस्टम, कमीशनिंग स्पेयर पार्ट्स तथा विशेष उपकरण भी इस अनुबंध का हिस्सा हैं।
इस परियोजना का क्रियान्वयन डिस्क्रीट टर्नकी (डीटी) मोड में किया जाएगा।
मेकॉन लिमिटेड इस परियोजना की प्रोक्योरमेंट कंसल्टेंट है, जबकि एम. एन. दस्तूर एंड कंपनी इंजीनियरिंग एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट की भूमिका निभाएगी।
बेल-लेस टॉप चार्जिंग सिस्टम अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिससे ब्लास्ट फर्नेस में कच्चे माल का सटीक वितरण, प्रक्रिया की दक्षता में वृद्धि, परिचालन सुरक्षा में सुधार, रखरखाव की आवश्यकता में कमी तथा पर्यावरणीय प्रदर्शन बेहतर होगा। इस प्रणाली के स्थापित होने से विस्तार परियोजना के नए ब्लास्ट फर्नेस की विश्वसनीयता और उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
सेल-आईएसपी अपनी 4.08 एमटीपीए विस्तार परियोजना के माध्यम से आधुनिक, ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के उपयोग से इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़ा रहा है।
यह परियोजना उच्च गुणवत्ता वाले इस्पात के उत्पादन के साथ-साथ देश के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

