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सत्ता परिवर्तन के बाद जादवपुर परिसर में संघ की सक्रियता

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सत्ता परिवर्तन के बाद जादवपुर परिसर में संघ की सक्रियता


कोलकाता, 14 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार सुबह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा जैसी गतिविधियां देखने को मिलीं। भाजपा के सत्ता परिवर्तन के बाद परिसर में संघ की गतिविधियां शुरू होने को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षाकर्मी भी शामिल हुए।

जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में त्रिगुणा सेन ऑडिटोरियम के पास करीब एक घंटे तक दो चरणों में यह गतिविधि चली। इसमें योग, योगासन, अनुलोम-विलोम और कपालभाति जैसे अभ्यास किए गए। इसके बाद महान व्यक्तियों की जीवनी पाठ, संघ गीत और शिवाजी प्रणाम भी किया गया। अचानक इस तरह की गतिविधि देखकर परिसर में रहने वाले कुछ लोग हैरान रह गए।

वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी कर्मचारी परिषद के राज्य सचिव पलाश माजी ने कहा कि यह गतिविधि अब शुरू हो गई है और आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पहले भी इस मैदान में कई कार्यक्रम हुए थे, लेकिन उस समय विरोध का सामना करना पड़ा था। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं।

इस संबंध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दक्षिण बंगाल प्रांत के प्रचार प्रमुख बिप्लव राय ने कहा कि संघ की गतिविधियों का उद्देश्य राष्ट्रवादी विचारों का प्रसार करना और लोगों को प्रेरित करना है। हालांकि जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को लेकर संगठन की आधिकारिक अनुमति थी या नहीं, इसकी जानकारी ली जा रही है।

वहीं विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बुद्धदेव साहा ने कहा कि उन्हें परिसर में इस प्रकार की किसी गतिविधि की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों को एकजुट रखने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि संगठन के नाम पर कोई अलग तरह की गतिविधि न हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता