नदी पर मोरम सड़क बनाकर घिरा पंचायत, चुनाव से पहले शुरू हुआ विवाद
मेदिनीपुर, 02 अप्रैल (हि. स.)। चंद्रकोणा इलाके में गुरुवार को नदी के ऊपर मोरम डालकर सड़क बनाने को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत ने नदी के बहाव को रोककर अस्थायी सड़क बना दी है, जबकि विपक्ष का कहना है कि यह काम चुनाव से पहले लोगों को प्रभावित करने के लिए किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, भगवंतपुर-एक ग्राम पंचायत क्षेत्र से बहने वाली केठिया नदी पर पहले लकड़ी का एक पुल था। लगभग पांच साल पहले बरसात के दौरान तेज पानी में वह पुल बह गया था। तब से लोगों को नदी पार करने के लिए बरसात में नाव और बाकी समय पैदल चलना पड़ता था।
सोमवार से स्थानीय पंचायत ने नदी के बीच मोरम डालकर और रोलर चलाकर एक अस्थायी सड़क बना दी। इसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या इस तरह नदी का रास्ता रोककर सड़क बनाना सही है।
पंचायत के उपप्रधान आशरफुल इस्लाम मल्लिक का कहना है कि गांव के लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही थी, इसलिए अस्थायी तौर पर यह व्यवस्था की गई है। वहीं, स्थानीय भाजपा नेताओं का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस चुनाव से पहले लोगों का समर्थन पाने के लिए इस तरह के अवैध काम कर रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, 2014 में करीब 22 लाख रुपये खर्च कर लकड़ी का पुल बनाया गया था। 2018 की बरसात में वह क्षतिग्रस्त हो गया और 2021 की बाढ़ में पूरी तरह बह गया। तब से इलाके के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इस मामले में बीडीओ उत्पल पाइके ने बताया कि चाशीबाड़ी और चैतन्यपुर इलाके में दो पक्के कंक्रीट पुल बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही पुल निर्माण का काम शुरू किया जाएगा।
इधर विधानसभा चुनाव के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। गुरुवार को भाजपा उम्मीदवार सुकांत दोलुई ने कहा कि तृणमूल कानून नहीं मानती और लोगों को सिर्फ चुनाव के समय याद करती है।
वहीं, तृणमूल उम्मीदवार सूर्यकांत दोलुई ने कहा कि इलाके में दो पुलों की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है और चुनाव खत्म होते ही काम शुरू हो जाएगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

