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नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव के लिए ऋतब्रत खेमे ने उतारे उम्मीदवार, तृणमूल के दोनों गुटों में सीधी टक्कर

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नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव के लिए ऋतब्रत खेमे ने उतारे उम्मीदवार, तृणमूल के दोनों गुटों में सीधी टक्कर


कोलकाता, 14 सितंबर (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस के ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने सोमवार को छह अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इसके साथ ही पार्टी के नाम, संगठनात्मक नियंत्रण और चुनाव चिह्न को लेकर जारी विवाद के बीच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के साथ उसका चुनावी संघर्ष और तेज हो गया है।

ऋतब्रत गुट ने पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट से मोहम्मद एतेशामुल हक को और मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट से सफीउद्दीन शेख को उम्मीदवार बनाया है।

2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में हुए विभाजन के बाद यह ऋतब्रत गुट के लिए पहला बड़ा चुनावी परीक्षण है। इससे पहले ऋतब्रत गुट ने कहा था कि यदि ममता बनर्जी स्वयं नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं, तो वह इस सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगा।

ममता बनर्जी के चुनाव मैदान में नहीं उतरने के बाद ऋतब्रत गुट ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इससे नंदीग्राम में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया है।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने रविवार को नंदीग्राम से नए चेहरे संचिता प्रधान (दे) और रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया था।

दोनों गुटों की ओर से अलग-अलग उम्मीदवार उतारे जाने के बाद उपचुनाव का मुकाबला असामान्य रूप ले चुका है। दोनों गुट खुद को तृणमूल कांग्रेस का वास्तविक राजनीतिक उत्तराधिकारी साबित करने की कोशिश करेंगे। वहीं, भाजपा विपक्षी दल में जारी विभाजन का राजनीतिक लाभ उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।

तृणमूल कांग्रेस के नाम, संगठनात्मक ढांचे, संपत्तियों और ‘जोड़ा घासफूल’ चुनाव चिह्न पर दोनों गुटों के दावों को लेकर चुनाव आयोग पहले ही दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की सुनवाई कर चुका है। पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर दोनों खेमों के दावे पर विवाद अभी सुलझा नहीं है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर