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'अब बताने में कोई हर्ज नहीं...': नए नाम और चुनाव चिह्न पर ऋतब्रत बनर्जी ने किए खुलासे, व्यक्तिवाद पर भी कसा तंज

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'अब बताने में कोई हर्ज नहीं...': नए नाम और चुनाव चिह्न पर ऋतब्रत बनर्जी ने किए खुलासे, व्यक्तिवाद पर भी कसा तंज


कोलकाता, 18 सितंबर (हि.स.)। निर्वाचन आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए जाने के बाद बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उनके गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न मिला है। इस फैसले पर संतोष जताते हुए ऋतब्रत ने अपनी पार्टी के नामों के प्रस्ताव को लेकर कई अंदरूनी जानकारियां साझा की हैं।

पत्रकारों से बातचीत में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, अब यह बात बताने में कोई हर्ज नहीं है कि हमें जो चुनाव चिह्न मिला है, वह हमारी पहली पसंद था, लेकिन जो नाम मिला है, वह हमारा तीसरा विकल्प था। उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि उनके गुट ने निर्वाचन आयोग को पहले विकल्प के रूप में 'नेशनलिस्ट तृणमूल कांग्रेस', दूसरे विकल्प के रूप में 'वेस्ट बंगाल तृणमूल कांग्रेस' और तीसरे विकल्प के रूप में 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' का प्रस्ताव दिया था। आयोग ने उन्हें सूचित किया कि पहले दो नाम किन तकनीकी कारणों से स्वीकार नहीं किए जा सकते, जिसके बाद उनके तीसरे विकल्प पर मुहर लगाई गई। चुनाव चिह्न के मामले में उन्होंने बताया कि उनकी पहली मांग 'लिफाफा' ही थी, जिसे आयोग ने तुरंत मंजूर कर लिया।

इस दौरान ऋतब्रत ने नाम लिए बिना ममता बनर्जी के गुट पर तीखा तंज भी कसा। उन्होंने कहा, आप लोग हमें हमेशा 'ऋतब्रत तृणमूल' कहते हैं, लेकिन हमारे गुट के नए नाम में किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं है। हमने कभी किसी व्यक्ति के नाम पर पार्टी का नाम रखने की चर्चा ही नहीं की। हमारी पार्टी एक सामूहिक प्रयास है। दूसरी तरफ, जिन्हें नया नाम मिला है, उसमें एक व्यक्ति विशेष का नाम शामिल है।

दूसरी ओर, ममता बनर्जी के शिविर को निर्वाचन आयोग ने 'ममता सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न आवंटित किया है। लेकिन नई पहचान के साथ राजनीतिक सफर शुरू करते ही इस गुट को नंदीग्राम में भारी झटका लगा है। आगामी उपचुनाव के लिए ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान दे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार रात संचिता ने लोक निर्माण विभाग के टेंट में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के कुछ घंटों बाद ही उनके चुनाव मैदान से हटने का आधिकारिक फैसला सामने आ गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के कारण, अब नंदीग्राम उपचुनाव में 'ममता सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस' का कोई उम्मीदवार नहीं रह गया है। चूंकि नामांकन की समय सीमा समाप्त हो रही है, इसलिए इस गुट के पास अब नया उम्मीदवार उतारने का कोई अवसर नहीं बचा है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर