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आरजी कर प्रकरण : पीड़िता की मां के भाजपा प्रत्याशी बनने पर डॉक्टरों का बयान, ‘न्याय राजनीति से नहीं’

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कोलकाता, 28 मार्च (हि.स.)। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर-छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म और हत्या मामले को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। पीड़िता की मां के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार बनने के फैसले पर वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर फ्रंट ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

संगठन ने शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि किसी भी व्यक्ति का चुनाव लड़ना उसका व्यक्तिगत निर्णय होता है और इस पर संगठन का समर्थन या विरोध होना उचित नहीं है। हालांकि, संगठन ने यह भी कहा कि जिस दल के टिकट पर वह चुनाव लड़ रही हैं, उस दल को लेकर महिला उत्पीड़न के मामलों में गंभीर सवाल उठते रहे हैं।

बयान में कहा गया, “यह सोचना कि कोई राजनीतिक दल शर्तों के आधार पर न्याय दिलाएगा, व्यावहारिक नहीं है।” संगठन ने आरोप लगाया कि कई प्रभावशाली नेताओं पर महिला उत्पीड़न के मामले रहे हैं और ऐसे मामलों में पीड़ितों और उनके परिवारों पर दबाव भी बनाया गया है।

संगठन ने कहा कि 2024 में हुई इस घटना के 19 महीने बाद भी मामला फिर से सुर्खियों में है और इसे राजनीतिक बहस का मुद्दा बनाया जा रहा है। बयान में राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए।

संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन आम लोगों के गुस्से का स्वतःस्फूर्त विस्फोट था, जहां लोग न्याय की मांग और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरे थे।

साथ ही, संगठन ने पीड़िता की मां के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि एक मां, जिसने अपना बच्चा खोया है, वह किस मानसिक स्थिति में यह निर्णय लेती है, इसे समझना जरूरी है।

संगठन ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी न करें।

हालांकि, संगठन ने इस बात पर नाराजगी जताई कि पीड़िता के परिवार की ओर से आंदोलनकारियों पर स्वार्थ के लिए आंदोलन करने का आरोप लगाया गया। संगठन ने कहा कि उनके सदस्य और प्रतिनिधि केवल न्याय की मांग के लिए आंदोलन में शामिल हुए थे, न कि किसी राजनीतिक लाभ के लिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय