आरजी कर लिफ्ट हादसा : सात दिन पहले हुई खराबी पर उठे सवाल, जांच तेज
कोलकाता, 25 मार्च (हि. स.)। आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में लिफ्ट हादसे में एक व्यक्ति की मौत के मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि जिस लिफ्ट में हादसा हुआ, वह घटना से सात दिन पहले, 13 मार्च को ही खराब हुई थी और इंजीनियरों द्वारा उसे ठीक किए जाने का दावा किया गया था।
बुधवार को पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, नागेरबाजार निवासी अरूप बनर्जी अपनी पत्नी और बच्चे के साथ ट्रॉमा केयर की लिफ्ट नंबर-दो में सवार हुए थे। इसी दौरान लिफ्ट में अचानक तेज झटका लगा और हादसा हो गया, जिसमें उनकी मौत हो गई।
लालबाजार के जांच अधिकारियों ने इस मामले में लिफ्ट की मरम्मत और रख-रखाव पर सवाल उठाए हैं। प्रारंभिक फोरेंसिक जांच में संकेत मिला है कि 13 मार्च को लिफ्ट में सॉफ्टवेयर संबंधी समस्या आई थी, जिसे ठीक करने के लिए इंजीनियरों ने मदरबोर्ड की जांच की थी और बाद में उसे चालू कर दिया गया था। हालांकि, मात्र छह दिनों के भीतर फिर से लिफ्ट में खराबी कैसे आ गई, यह जांच का विषय बना हुआ है।
घटना के दिन लिफ्ट के संचालन में गंभीर गड़बड़ी सामने आई। मिली जानकारी के मुताबिक, दूसरी मंजिल से पांचवीं मंजिल जाने के लिए बटन दबाने पर लिफ्ट सातवीं मंजिल तक चली गई और फिर अचानक बेसमेंट तक नीचे आ गई। इसी दौरान दरवाजा तेजी से बंद हुआ और जोरदार झटका लगा।
इस मामले में अब तक पीडब्ल्यूडी कर्मियों, लिफ्ट इंजीनियरों, सुरक्षा कर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों समेत करीब 30 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। साथ ही, अस्पताल परिसर के करीब 70 सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

