आरजी कर अस्पताल में फिर लिफ्ट खराब, मरीज-परिजन फंसे
कोलकाता, 26 मार्च (हि.स.)। आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में लिफ्ट को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। खासकर हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया है। बीते शुक्रवार को ट्रॉमा सेंटर की एक लिफ्ट की चपेट में आने से अपने बेटे का इलाज कराने आए युवक अरूप बंद्योपाध्याय की मौत हो गई थी। उस घटना के महज पांच दिन बाद ही अस्पताल में फिर से लगातार दो लिफ्ट खराब होने की घटना सामने आई है, जिससे मरीजों के परिजन और अस्पताल कर्मियों के बीच दहशत फैल गई है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 7:52 बजे कैजुअल्टी ब्लॉक की तीसरी मंजिल से नीचे आते समय एक लिफ्ट अचानक खराब हो गई और दूसरी व तीसरी मंजिल के बीच अटक गई। उस समय लिफ्ट में चेस्ट मेडिसिन विभाग से आए एक मरीज और उसके परिवार के छह सदस्य मौजूद थे, जो ग्राउंड फ्लोर जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुए थे। अचानक लिफ्ट रुक जाने से अंदर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। काफी कोशिशों के बाद लिफ्ट को पहली मंजिल तक लाया गया, लेकिन उसका दरवाजा नहीं खुला।
अस्पताल सूत्रों ने बताया कि इससे कुछ घंटे पहले, मंगलवार देर रात करीब 1:30 बजे, अकादमिक भवन में भी इसी तरह की घटना हुई। प्रिंसिपल के कार्यालय से नीचे उतरते समय एक अन्य लिफ्ट अचानक खराब हो गई, जिसमें एक लिफ्टमैन फंस गया था।
हालांकि शुक्रवार की तरह इस बार कोई दुखद हादसा नहीं हुआ। दोनों मामलों में लंबे प्रयास के बाद सीआईएसएफ कर्मियों और इंजीनियरों की मदद से लिफ्ट में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। किसी की तबीयत गंभीर नहीं हुई, फिर भी इस घटना से अस्पताल परिसर में तनाव और चिंता का माहौल बन गया है।
अरूप बंद्योपाध्याय की मौत की घटना ने पहले ही पूरे राज्य में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी थी। ऐसे में राज्य के सबसे व्यस्त अस्पतालों में से एक आर. जी. कर में बार-बार लिफ्ट खराब होने की घटनाओं ने रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि नियमित मेंटेनेंस की कमी के कारण ही ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं।
अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है, लेकिन अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की चिंता फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

