आरजी कर मामले में निर्मल घोष और संजीव मुखर्जी को आठ दिनों की पुलिस हिरासत
कोलकाता, 14 अगस्त (हि. स.)। आर. जी. कर अस्पताल में महिला चिकित्सक के दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार पानीहाटी के पूर्व विधायक निर्मल घोष और पूर्व पार्षद संजीव मुखर्जी को शुक्रवार बैरकपुर महकमा अदालत में पेश किया गया। दोनों को अदालत ने आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
अदालत में पेशी से पहले निर्मल घोष को खड़दह थाने लाया गया था। बाद में पुलिस उन्हें अदालत लेकर गई। इस दौरान थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस वैन तक ले जाते समय निर्मल घोष पर अंडे फेंके गए। प्रदर्शनकारियों से बचने के लिए उन्होंने हेलमेट भी पहन रखा था। इस दौरान धक्का-मुक्की और कथित तौर पर मारपीट की भी घटना सामने आई।
संजीव मुखर्जी के खिलाफ भी प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की। थाने के बाहर भाजपा समर्थकों ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारी जूतों की माला लेकर भी पहुंचे थे और मौके पर डीजे बजाया जा रहा था।
पुलिस ने मृत महिला चिकित्सक के पिता की ओर से दर्ज कराई गई नई शिकायत के आधार पर निर्मल घोष और संजीव मुखर्जी को गिरफ्तार किया है। मामले में नामजद एक अन्य आरोपित तथा तृणमूल कांग्रेस के नगर प्रतिनिधि सोमनाथ दे की तलाश जारी है।
शुक्रवार को आरोपितों को अदालत ले जाते समय पीड़िता के पिता भी खड़दह थाने में मौजूद थे। उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की। बताया जा रहा है कि मामले में उनका गुप्त बयान दर्ज किया जा सकता है। पुलिस की ओर से उन्हें अलग से सुरक्षा दिए जाने की भी संभावना है।
गौरतलब है कि नौ अगस्त 2024 को आर. जी. कर अस्पताल के सेमिनार हॉल से ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक का शव बरामद हुआ था। घटना के बाद पूरे देश में व्यापक आक्रोश फैल गया था। आरोप है कि परिवार की अनुमति के बिना शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करा दिया गया था। उस समय निर्मल घोष विधायक थे और उन पर शव के जल्द अंतिम संस्कार में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है।
मृत महिला चिकित्सक के पिता ने इस संबंध में निर्मल घोष समेत तीन लोगों के खिलाफ नई शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में पूर्व विधायक के अलावा पड़ोसी संजीव मुखर्जी और तृणमूल कांग्रेस के नगर प्रतिनिधि सोमनाथ दे का नाम शामिल है। संजीव को गुरुवार रात गिरफ्तार किया गया था, जबकि सोमनाथ दे की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
अदालत द्वारा दोनों आरोपितों को आठ दिनों की पुलिस हिरासत दिए जाने के बाद अब जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर मामले में उनकी कथित भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच करेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

