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आरजी कर पीड़िता की स्मृति में मां सात दिन एकांतवास करेंगी

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आरजी कर पीड़िता की स्मृति में मां सात दिन एकांतवास करेंगी


कोलकाता, 03 अगस्त (हि. स.)। आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की जूनियर चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या की घटना की दूसरी बरसी से पहले उनकी मां तथा पानीहाटी की विधायक रत्ना देबनाथ ने सात दिन के एकांतवास का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा है कि इस दौरान वह किसी से फोन पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क नहीं करेंगी और न ही किसी राजनीतिक या सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेंगी।

रत्ना देबनाथ ने रविवार रात सामाजिक माध्यम पर जारी संदेश में कहा कि वह निजी कारणों से सात दिनों तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहेंगी। हालांकि उनके जनसंपर्क कार्यालय का नियमित कार्य चलता रहेगा। उन्होंने लोगों से इस अवधि में उनकी अनुपस्थिति को समझने और सहयोग करने की अपील की है।

हाल ही में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रत्ना देबनाथ ने अपनी बेटी को याद करते हुए कहा था कि आठ अगस्त की रात उनकी बेटी ने जिस असहनीय पीड़ा का सामना किया, उसे सोचकर आज भी उनका मन व्यथित हो उठता है।

गौरतलब है कि नौ अगस्त 2024 की सुबह आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार कक्ष से जूनियर चिकित्सक का शव बरामद हुआ था। जांच में सामने आया कि ड्यूटी के दौरान आठ अगस्त की रात उनके साथ दुष्कर्म करने के बाद हत्या की गई थी।

इस घटना के बाद पूरे पश्चिम बंगाल सहित देश के कई हिस्सों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। प्रारंभिक जांच कोलकाता पुलिस ने की थी, लेकिन बाद में न्यायालय के निर्देश पर मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया।

मामले में कोलकाता पुलिस के पूर्व नागरिक स्वयंसेवक संजय राय को दोषी ठहराया जा चुका है और वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। इस बीच कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद सीबीआई ने नए जांच अधिकारी के नेतृत्व में मामले के कुछ पहलुओं की दोबारा जांच शुरू की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता