वसूली रोकने के लिए विधायक रत्ना देवनाथ का संदेश -मेरे नाम पर कोई पैसे मांगे तो मत देना
हुगली, 31 अगस्त (हि. स.)। भाजपा सरकार के करीब साढ़े तीन महीने के कार्यकाल में विपक्ष द्वारा वसूली को मुद्दा बनाए जाने के बीच अब पानीहाटी की भाजपा विधायक रत्ना देवनाथ ने भी इस मामले में कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई उनके नाम पर पैसे मांगता है, तो उसे किसी भी हालत में पैसे न दिए जाएं।
सोमवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विधायक ने कहा, “अगर कोई मेरे नाम पर पैसे मांगता है, तो पैसे मत देना। जो लोग पैसे लेने आएं, उनकी तस्वीर मोबाइल में खींचकर रख लें। उनसे कहें कि अगर विधायक ने भेजा है तो विधायक के हस्ताक्षर वाला पत्र लेकर आएं या विधायक के पैड पर लिखित अनुमति लेकर आएं।”
विधायक ने आम लोगों से बिना डरे वसूली के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को डरने के बजाय साहस के साथ आगे आना होगा। उनके मुताबिक, राज्य सरकार ने भी वसूली के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया है और किसी राजनीतिक दल के नेता या पुलिस अधिकारी के खिलाफ वसूली की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जा रही है।
पानीहाटी को ‘सुंदर पानीहाटी’ के रूप में विकसित करने की बात कहते हुए रत्ना देवनाथ ने कहा कि इलाके में ‘थ्रेट कल्चर’ यानी डर दिखाकर राजनीति करने की संस्कृति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अपने पूर्ववर्ती विधायक का भी जिक्र किया। पूर्व तृणमूल विधायक निर्मल घोष और उनके बेटे के जेल में होने का उल्लेख करते हुए रत्ना ने कहा कि उनके खिलाफ वसूली समेत कई आरोपों में मामले दर्ज किए गए हैं।
विधायक ने कहा कि वह अतीत में भी पानीहाटी के विभिन्न मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रही हैं। उन्होंने अपनी बेटी के आर. जी. कर से जुड़े होने का भी उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी की मौत के बाद उन्होंने पानीहाटी के तत्कालीन विधायक के खिलाफ भी कई आरोप लगाए थे।
रत्ना देवनाथ ने कहा, “अगर कोई सत्ता के लालच में गलत रास्ते पर जाता है, तो उसके खिलाफ बोलने से मैं पीछे नहीं हटूंगी। महिलाओं के लिए लड़ाई मैं कभी नहीं छोड़ूंगी।”
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

