विदेश दौरे से लौटे बंगाल विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस: निवेश और संसदीय लोकतंत्र पर जोर, सरकारी खर्च बचाने के लिए की इकोनॉमी क्लास में यात्रा
कोलकाता, 02 अक्टूबर (हि.स.)।
पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) रथींद्र बोस अपना 19 दिवसीय विदेश दौरा (दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका और ब्रिटेन) संपन्न कर स्वदेश लौट आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बहुउद्देश्यीय यात्रा का मुख्य लक्ष्य संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करना और राज्य के समग्र विकास के लिए प्रवासी भारतीयों एवं वैश्विक उद्योग जगत से निवेश आकर्षित करना था।
राज्य पर कर्ज के मौजूदा बोझ को ध्यान में रखते हुए स्पीकर बोस ने सरकारी खर्च में कटौती का एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया। उन्होंने बताया कि इस विदेश यात्रा के दौरान उन्होंने इकोनॉमी क्लास में सफर किया और महंगे होटलों में रुकने के बजाय अपने दोस्तों के घर ठहरना उचित समझा। उनका स्पष्ट मत है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को सरकारी खजाने का इस्तेमाल पूरी जिम्मेदारी और सोच-समझकर करना चाहिए।
बोस ने 13 से 19 सितंबर तक केपटाउन (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित 69वें कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के अहम सदस्य के रूप में हिस्सा लिया। उनके साथ विधानसभा के चार वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, पिछले करीब 15 वर्षों में राज्य की ओर से इस उच्च स्तर का यह पहला प्रतिनिधित्व था। इस सम्मेलन के अनुभवों से प्रेरित होकर स्पीकर ने राज्य में पर्यावरण संरक्षण (महापुरुषों की जयंती पर केवल माल्यार्पण के बजाय पौधारोपण को बढ़ावा) और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई है।
अटलांटा में पश्चिम बंगाल दिवस और निवेश पर चर्चा
दक्षिण अफ्रीका सम्मेलन के बाद स्पीकर अमेरिका पहुंचे। 20 सितंबर को अटलांटा पहुंचने के बाद अगले दिन भारतीय वाणिज्य दूतावास ने उनका आधिकारिक स्वागत किया। 22 सितंबर को अटलांटा में 'पश्चिम बंगाल दिवस' का आयोजन किया गया, जहां उन्होंने बंगाली प्रवासियों के साथ-साथ गुजरात व बंगाल से जुड़े उद्योगपतियों के साथ गहन चर्चा की। बोस ने प्रवासियों से राज्य के शिक्षा, रोजगार, तकनीक और औद्योगिक विकास में अपनी विशेषज्ञता और निवेश के माध्यम से योगदान देने की अपील की।
ब्रिटिश संसद की तर्ज पर बंगाल विधानसभा में नए बदलाव
ब्रिटेन दौरे का जिक्र करते हुए स्पीकर ने बताया कि ब्रिटिश संसद की तरह अब पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी आगंतुकों की सुरक्षा और पहचान को बेहतर बनाने के लिए 'रंगीन विजिटर पास' (गेरुआ रंग) की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि ब्रिटिश सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जल्द ही पश्चिम बंगाल विधानसभा का दौरा करने में गहरी रुचि दिखाई है। साथ ही, दिसंबर में पश्चिम बंगाल में पहली बार 'प्रवासी भारतीय दिवस' आयोजित करने की वृहद योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी विशेष सामग्री को देश की नई संसद में संरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री को एक आधिकारिक पत्र लिखा जाएगा।
दस बागी विधायकों की सदस्यता पर 8 अक्टूबर तक फैसला
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के 10 बागी विधायकों की अयोग्यता (दल-बदल) मामले पर भी स्पीकर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित तीन महीने की समय सीमा का पालन करते हुए संवैधानिक प्रक्रिया के तहत इस पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अदालत स्पीकर को कोई विशेष फैसला लेने का निर्देश नहीं देती, बल्कि समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने को कहती है। इस मामले में विधानसभा नियमों के तहत आगे बढ़ रही है और 8 अक्टूबर की तय समय सीमा से पहले अंतिम फैसला ले लिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

