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राममोहन मेला आयोजन की तिथि को लेकर विरोधाभासी बयानों से बढा संशय

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राममोहन मेला आयोजन की तिथि को लेकर विरोधाभासी बयानों से बढा संशय


हुगली, 07 नवंबर (हि.स.)। हुगली जिले में ऐतिहासिक राममोहन मेले के आयोजन की तिथि को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इस बीच खानाकुल के विधायक सुशांत घोष और पुरशुरा के विधायक विमान घोष की ओर से मेले की तारीख और नेतृत्व को लेकर दिए गए विरोधाभाषी बयानों से संशय और बढ़ गया है।

जानकारी के अनुसार, खानाकुल के विधायक सुशांत घोष ने राममोहन मेले को लेकर पहले ही एक बैठक कर घोषणा की थी कि इस वर्ष मेला 6 से 12 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। इसी के मद्देनजर उन्होंने मैराथन दौड़ के आयोजन की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।

वहीं, शुक्रवार को राममोहन कॉलेज परिसर में आयोजित विजया सम्मेलन के मंच से पुरशुरा के विधायक विमान घोष ने सुशांत घोष की घोषणा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि राममोहन मेले की तारीख मुख्यमंत्री से चर्चा करने के बाद ही तय की जाएगी। उनके इस बयान के बाद मेले के आयोजन को लेकर नए सिरे से अटकलें शुरू हो गई हैं।

विमान घोष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुशांत घोष ने कहा कि परंपरा के अनुसार राहन मेला हर वर्ष 6 से 12 जनवरी के बीच आयोजित होता है और इस बार भी इसी अवधि में मेला लगेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले का आयोजन खानाकुल विधानसभा की पहल पर किया जाएगा।

गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में यह ऐतिहासिक मेला बंद हो गया था। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद पार्टी नेतृत्व ने इसे दोबारा शुरू करने की घोषणा की थी। परंपरा के अनुसार, खानाकुल और पुरशुरा के विधायक मेले के अध्यक्ष और सचिव की जिम्मेदारी संभालते हुए इसका संचालन करते रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय