home page

मुख्यमंत्री के साथ बैठक करेंगे राजवंशी, उत्तर बंगाल के 50 संगठनों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

 | 

सिलीगुड़ी, 01 नवंबर (हि. स.)। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी तीन नवंबर को उत्तर बंगाल दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वह सिलीगुड़ी में भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ’ आंदोलन की रैली में हिस्सा लेंगे। इसी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री राजवंशी और कामतापुरी समुदाय के प्रतिनिधियों, केंद्र एवं राज्य सरकार के मंत्रियों, विधायकों और विभिन्न संगठनों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी करेंगे।

इस बैठक की तैयारियों को लेकर रविवार को सिलीगुड़ी महकमा के मेडिकल मोड़ पर तैयारी बैठक हुई। इसमें राज्य के वित्त एवं परिवहन विभाग के राज्य मंत्री आनंदमय बर्मन मौजूद थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के अनुसार उत्तर बंगाल के विभिन्न संगठनों के साथ बातचीत होगी। यह बैठक तीन नवंबर को उत्तरकन्या में आयोजित की जाएगी, जहां संगठन अपनी लंबित और जायज मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे।

संगठन सूत्रों के अनुसार, बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक, राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन सहित उत्तर बंगाल के प्रमुख राजवंशी और कामतापुरी नेता शामिल हो सकते हैं। इस बैठक में उत्तर बंगाल के करीब 50 राजवंशी और कामतापुरी संगठन हिस्सा लेंगे। बैठक में राजवंशी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की लंबे समय से चली आ रही मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने पहले इस मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। इसके अलावा स्कूल के पाठ्यक्रम में राजवंशी भाषा को पूर्ण रूप से शामिल करने और राजवंशी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग भी उठाई जाएगी।

प्रतिनिधि नारायणी बटालियन के गठन का मुद्दा भी उठाएंगे। उनका कहना है कि बटालियन बनाने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। इस बार इसके गठन की दिशा में ठोस कदम उठाने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद कूचबिहार के राजाओं से जुड़ी ऐतिहासिक इमारतों के जीर्णोद्धार और गोसानीमारी में राजा कांतश्वर से जुड़े ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण की मांग भी रखी जाएगी। सरकारी और क्षेत्रीय नियुक्तियों में उत्तर बंगाल के साथ कथित भेदभाव रोकने के लिए पहले की तरह ‘उत्तर बंगाल जोन’ को फिर से लागू करने की मांग भी उठेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार