लगातार वर्षा से पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में जनजीवन अस्त-व्यस्त, राहत कार्य तेज
पश्चिम मेदिनीपुर, 29 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिलों में लगातार कई दिनों से हो रही भारी वर्षा ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। अनेक निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जबकि हजारों बीघा कृषि भूमि पानी में डूबने से किसानों के सामने बड़ी संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।
पश्चिम मेदिनीपुर के मोहनपुर प्रखंड के कई गांवों में वर्षा का पानी भरने से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। निचले क्षेत्रों के साथ-साथ विशाल कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। हाल ही में रोपी गई अमन धान की फसल लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से उसके नष्ट होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र जल निकासी नहीं हुई तो इस वर्ष भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। बुधवार सुबह विधायक और प्रशासनिक अधिकारी जल जल संलग्न इलाकों में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा प्रभावित किसानों को सरकारी सहायता देने की मांग करी है।
इसी प्रकार दांतन प्रखंड के आइकला ग्राम पंचायत के हरिपुरा, षड़रंग सहित अनेक गांवों में भी खेती की भूमि पानी में डूब गई है। किसानों ने ऋण लेकर धान की खेती की थी, लेकिन लगातार वर्षा के कारण उनकी पूरी मेहनत पर संकट मंडराने लगा है। स्थानीय किसान हरिपदो दास का कहना है, यदि मौसम जल्द सामान्य नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ जाएगा।
उधर, नारायणगढ़ प्रखंड के बेलदा तथा बाखराबाद ग्राम पंचायत के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए स्थानीय विधायक रमाप्रसाद गिरि नाव से जलमग्न क्षेत्रों में पहुंचे और घर-घर जाकर राहत सामग्री तथा तिरपाल वितरित किया। लोगों की समस्याएं सुनकर हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया। विधायक ने कहा कि प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राजनीतिक दल भी राहत कार्य में सक्रिय दिखाई दिए। भाजपा के पश्चिम मेदिनीपुर जिलाध्यक्ष समित मंडल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारायणगढ़ के काठालिया क्षेत्र में मंगलवार देर रात के समय वर्षा के बीच पहुंचकर प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की।
इस बीच, केशियाड़ी के लेंगामारा पुल के समीप अस्थायी सड़क की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए पश्चिम मेदिनीपुर की पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने वैकल्पिक मार्ग, यातायात व्यवस्था तथा सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। तेज जलप्रवाह के कारण पहले निर्मित अस्थायी सड़क बह जाने के बाद प्रशासन ने युद्धस्तर पर नई अस्थायी सड़क बनाकर यातायात बहाल किया था।
वहीं, झाड़ग्राम जिले में कंसाबती नदी में डूबने से मई माह में जान गंवाने वाले दो किशोरों के परिवारों को मंगलवार को चार-चार लाख रुपये की सरकारी आर्थिक सहायता प्रदान की गई। विधायक लक्ष्मीकांत साउ ने प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों परिवारों को क्षतिपूर्ति के चेक सौंपे और भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
लगातार वर्षा के कारण प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है, जबकि राहत एवं पुनर्वास कार्यों को तेज करने के साथ जल निकासी और फसल क्षति के आकलन की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

