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बारिश और तूफान से फसल तबाह, किसानों में मायूसी

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बारिश और तूफान से फसल तबाह, किसानों में मायूसी


हुगली, 01 मई (हि.स.)। हुगली जिले के गोघाट में गुरुवार रात की बारिश और तेज आंधी ने दोहरी मार दी है। एक ओर जहां जलभराव से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं दूसरी ओर किसानों की पकी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

मामूली बारिश के बाद ही गोघाट के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं और लोगों को जोखिम उठाकर पानी भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। खासकर रेलवे पुलों के नीचे घुटनों तक पानी जमा हो गया है और बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बढ़ गया है। हाल ही में एक टोटो वाहन गड्ढे में गिरकर पलटने की घटना भी सामने आई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने जल निकासी की व्यवस्था सुधारने और सड़कों की मरम्मत की मांग की है।

इसी बीच तेज आंधी और बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बोरों धान की कटाई के समय आई इस आपदा से खेतों में खड़ी और कटी दोनों तरह की फसल को नुकसान पहुंचा है। बेंगाई, मदिना और कुमारगंज समेत कई इलाकों में खेतों में पानी भर गया है। कई जगह कटा हुआ धान पानी में डूब गया है, जिससे उसके सड़ने का खतरा है, जबकि खड़ी फसल तेज हवा से गिर गई है।

किसानों का कहना है कि सालभर की मेहनत एक रात में बर्बाद हो गई। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, जिससे अब आर्थिक संकट और गहरा गया है। एक किसान ने बताया, “कुछ ही दिनों में फसल घर लाने वाले थे, लेकिन अचानक आई इस बारिश और तूफान ने सब खत्म कर दिया। अब परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।”

प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जबकि स्थानीय लोग और किसान जल्द राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। गोघाट में प्राकृतिक आपदा के इस दोहरे असर से आम जनता और किसान दोनों ही संकट में हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय