एनजेपी स्टेशन का काम अप्रैल 2027 तक पूरा करने का निर्देश
सेवक-रंगपो रेल परियोजना दिसंबर 2027 तक पूरी करने की समयसीमा
सिलीगुड़ी, 15 अगस्त (हि. स.)। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए निर्माणाधीन न्यू जलपाईगुड़ी जंक्शन (एनजेपी) स्टेशन का सभी लंबित कार्य अगले वर्ष अप्रैल तक पूरा करने का निर्देश रेल मंत्रालय ने उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे को दिया है। साथ ही सिक्किम को रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी सेवक-रंगपो रेल परियोजना को भी दिसंबर 2027 तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है।
उत्तर-पूर्व भारत के रेल संपर्क में एनजेपी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए केंद्र सरकार ने एनजेपी-अलुआबाड़ी रोड के बीच 57 किलोमीटर लंबे चौथे रेल ट्रैक को भी मंजूरी दी है। भविष्य में इस चौथी लाइन को चरणबद्ध तरीके से मालदा तक ले जाने की योजना है। रेलवे की ओर से एनजेपी-अलुआबाड़ी रोड तीसरी लाइन का प्रस्ताव भी भेजा गया है, हालांकि अभी तक इसके लिए वित्तीय मंजूरी नहीं मिली है।
उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर-पूर्व भारत की रेल कनेक्टिविटी के लिए एनजेपी स्टेशन बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए इसे जल्द से जल्द पूरा कर अप्रैल 2027 में नए स्वरूप में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले ‘चिकन नेक’ यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर में रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी केंद्र का विशेष जोर है। इसके तहत तीनमाइल हाट से बागडोगरा तक करीब 29 किलोमीटर लंबी भूमिगत रेल लाइन बिछाने की योजना को मंजूरी दी गई है। करीब 60 किलोमीटर लंबे और 20-22 किलोमीटर चौड़े सिलीगुड़ी कॉरिडोर को देश के उत्तर-पूर्व राज्यों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, एनजेपी-अलुआबाड़ी रोड तीसरी और चौथी लाइन का काम पूरा होने के बाद एनजेपी से कई नई ट्रेनों का संचालन किया जा सकता है। इनमें कुछ वंदे भारत ट्रेनें भी शामिल होने की संभावना है। उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे को पिछले वर्ष 42 नई ट्रेनें मिली थीं, जबकि करीब 250 नए ट्रेन स्टॉपेज भी शुरू किए गए। महाप्रबंधक ने स्थानीय रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए कटिहार डिवीजन को विशेष महत्व देने की बात कही है।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक जोगबनी, राधिकापुर और बालुरघाट से कुछ नए रूटों पर लोकल ट्रेनों के संचालन की योजना है।
वहीं, सिलीगुड़ी-जलगांवड़ी मेट्रो परियोजना को लेकर सर्वेक्षण का काम भी जारी है।वहीं, सिक्किम को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली सेवक-रंगपो रेल परियोजना की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी, जबकि जमीन पर मुख्य निर्माण कार्य 2017 के आसपास शुरू हुआ। प्राकृतिक आपदाओं सहित विभिन्न कारणों से परियोजना की गति प्रभावित हुई है। अब रेल मंत्रालय ने परियोजना को और लंबा खींचने के बजाय अगले करीब 15 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
इरकॉन के प्रोजेक्ट मैनेजर महिंदर सिंह के अनुसार, परियोजना का काम काफी आगे बढ़ चुका है और निर्देश के मुताबिक दिसंबर 2027 तक सभी कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।एनजेपी के आधुनिकीकरण, सिलीगुड़ी कॉरिडोर में भूमिगत रेल नेटवर्क और सेवक-रंगपो परियोजना के तेज निर्माण से उत्तर बंगाल और पूरे उत्तर-पूर्व की रेल कनेक्टिविटी को आने वाले वर्षों में बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

