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आसनसोल रेलपार ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन का आंदोलन 1245वें दिन में पहुंचा

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आसनसोल रेलपार ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन का आंदोलन 1245वें दिन में पहुंचा


आसनसोल, 28 अप्रैल (हि.स.)। आसनसोल के रेलपार ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन का आंदोलन मंगलवार को 1245वें दिन में प्रवेश कर गया। रेलवे के फ्रेट कॉरिडोर विकास कार्य और अतिक्रमण मुक्त अभियान के कारण प्रभावित हुए सैकड़ों दुकानदार पिछले तीन पांच साल 5 महीने से ‘गण अवस्थान मंच’ के बैनर तले लगातार धरने पर बैठे हैं। उनकी मुख्य मांग पुनर्वास और उचित मुआवजा है।

व्यापारियों का आरोप है कि रेलवे की परियोजनाओं के लिए उनकी दुकानों को हटाने का निर्देश दिया गया था। उस समय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की ओर से पुनर्वास और मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन चार साल बीतने के बाद भी न तो स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था की गई और न ही वादे के अनुसार मुआवजा मिला। इससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका संकट में पड़ गई है।

धरनास्थल पर मौजूद एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि वे पिछले 1245 दिनों से सड़क पर बैठकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान कई बार रेलवे, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका कहना है कि कारोबार बंद होने से आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय नेता और अधिकारी आश्वासन देने पहुंचते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही उनकी समस्याएं भुला दी जाती हैं। इसी कारण मतदान से पहले आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है।

एसोसिएशन ने मांग की है कि प्रभावित दुकानदारों के लिए तत्काल पुनर्वास पैकेज घोषित किया जाए, बकाया मुआवजा दिया जाए और उनके रोजगार को फिर से शुरू कराने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। व्यापारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

उल्लेखनीय है कि मकान मालिकों को रेलवे की ओर से मुआवजा मिल चुका है, लेकिन रेलपार इलाके में टीपू पाड़ा जाने वाली सड़क के दोनों ओर स्थित अधिकांश दुकानें किराये पर थीं। मकान मालिकों को मुआवजे की रकम मिलने के बाद किरायेदार दुकानदारों ने भी पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया, जो अब 1245 दिनों से जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा