रघुनाथपुर में चार हजार करोड़ की इस्पात परियोजना से जगी औद्योगिक उन्नति की उम्मीद
पुरुलिया, 12 अगस्त (हि.स.)। पुरुलिया जिले के रघुनाथपुर में नई औद्योगिक परियोजना शुरू होने की संभावना से क्षेत्र के लोगों में रोजगार और औद्योगिक विकास को लेकर उम्मीद जगी है। रघुनाथपुर-एक प्रखंड के दुरमुट क्षेत्र में 17 अगस्त को अमित मेटालिक्स की ओर से प्रस्तावित इस्पात कारखाने का शिलान्यास मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी करेंगे।
प्रस्तावित परियोजना में करीब चार हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम के माध्यम से परियोजना के लिए 148 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। इस्पात कारखाने के साथ यहां कई अन्य औद्योगिक इकाइयां स्थापित किए जाने की भी योजना है। कंपनी के अनुसार परियोजना के पूरा होने के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 1,600 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
रघुनाथपुर को लंबे समय से पुरुलिया का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र माना जाता है। वाममोर्चा शासन के दौरान यहां औद्योगिक विकास की पहल हुई थी। दामोदर घाटी निगम की ओर से ताप विद्युत केंद्र स्थापित किया गया। इसके अलावा कई स्पंज आयरन कारखाने भी बने। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अपेक्षा के अनुरूप बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित नहीं हो सके और रोजगार के लिए युवाओं को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ा।
दुरमुट निवासी रविदास घोषाल ने कहा कि क्षेत्र में उद्योग स्थापित होना जरूरी है, लेकिन जिन लोगों की जमीन गई है, उन्हें भी रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम मिले तो इलाके की तस्वीर बदल सकती है।
रघुनाथपुर निवासी अनुरोध गोस्वामी ने कहा कि उद्योग आने से बेरोजगारी की समस्या कम होने की उम्मीद है। रोजगार की तलाश में युवाओं को चेन्नई और मुंबई जैसे शहरों में जाना पड़ता है। भारी उद्योग स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जिला माकपा के सचिव प्रदीप राय ने औद्योगिक परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि दिवंगत सांसद वासुदेव आचार्य के प्रयासों से रघुनाथपुर में औद्योगिकीकरण की शुरुआत हुई थी। पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य का सपना रघुनाथपुर को दूसरे दुर्गापुर के रूप में विकसित करना था। उस समय बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण भी हुआ था।
क्षेत्र की भाजपा विधायक मामनी बाउरी ने कहा कि उद्योग स्थापित होने से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और रघुनाथपुर के युवाओं को काम के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता रहते हुए भी शुभेंदु अधिकारी रघुनाथपुर में औद्योगिकीकरण की मांग उठाते रहे थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

