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मालदा शहर में ‘भूमिहीन खेत मजदूर’ के आवेदन से उठे सवाल

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मालदा शहर में ‘भूमिहीन खेत मजदूर’ के आवेदन से उठे सवाल


मालदा, 25 फरवरी (हि. स.)। शहर में युवक-युवतियों के लिए चल रहे रजिस्ट्रेशन कैंप में एक हैरान करने वाली तस्वीर बुधवार को सामने आई है। नगर पालिका क्षेत्र में आयोजित ‘युवा साथी’ रजिस्ट्रेशन कैंप में बेरोजगार युवाओं के साथ-साथ भूमिहीन खेत मजदूर आर्थिक सहायता योजना के लिए भी बड़ी संख्या में लोग फॉर्म भरते नजर आए।

राज्य सरकार की इस योजना के तहत भूमिहीन खेत मजदूरों को सालाना चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी है। लेकिन सवाल उठ रहा है कि शहरी क्षेत्र में जहां खेती योग्य जमीन लगभग नहीं है, वहां इतने खेत मजदूर आए कहां से?

मिली जानकारी के अनुसार, रवींद्र एवेन्यू स्थित पेडी सिल्क प्रशिक्षण केंद्र को शहर के 29 वार्डों के विभिन्न सरकारी योजनाओं के रजिस्ट्रेशन केंद्र के रूप में चुना गया है। यहां ‘युवा साथी’ योजना के तहत 40 वर्ष तक के बेरोजगार युवक-युवतियां 1500 रुपये मासिक सहायता पाने के लिए फॉर्म जमा कर रहे है। इसी दौरान एक अलग लाइन में खड़े कुछ लोगों ने खुद को भूमिहीन खेत मजदूर बताया है। पूछने पर एक बुजुर्ग ने कहा कि वह खेत मजदूरों की लाइन में खड़े है। जब उनसे पूछा गया कि शहर में खेती कहां होती है तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

इस मुद्दे पर तृणमूल के जिला प्रवक्ता शुभमय बोस ने कहा कि पेडी सिल्क केंद्र पर मुख्य रूप से मालदा शहर के लोगों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर शहर का कोई व्यक्ति गांव में जाकर खेत मजदूरी करता है तो वह आवेदन कर सकता है। किसके पास कृषि भूमि है या नहीं, इसकी जांच सरकार द्वारा की जाएगी और पात्रता के आधार पर ही आर्थिक सहायता दी जाएगी। घटना को लेकर शहर में चर्चा तेज हो गई है और पात्रता की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार