पीडब्ल्यूडी मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने मैकिन्टॉश बर्न लिमिटेड का किया निरीक्षण
कोलकाता, 08 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल सरकार के लोक निर्माण (पीडब्ल्यूडी) एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचईडी) विभाग के मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने बुधवार को राज्य सरकार के प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम मैकिन्टॉश बर्न लिमिटेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कंपनी के प्रबंध निदेशक विनय मजूमदार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और कंपनी के इतिहास, उपलब्धियों, वर्तमान परियोजनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
अधिकारियों ने बताया कि लगभग 193 वर्ष पुरानी यह इंजीनियरिंग एवं निर्माण कंपनी वर्ष 1834 में स्थापित हुई थी। वर्तमान में यह पश्चिम बंगाल सरकार के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों में शामिल है और देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं का सफलतापूर्वक निर्माण कर चुकी है। आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ कंपनी आज भी कई विकासात्मक परियोजनाओं का सफल क्रियान्वयन कर रही है।
प्रस्तुति के दौरान कंपनी के मिशन एवं विज़न, विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों के साथ पूर्ण की गई परियोजनाओं, 500 से अधिक कुशल कर्मचारियों की टीम, संगठनात्मक संरचना तथा पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों में संचालित परियोजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी में वर्तमान में 214 तकनीकी विशेषज्ञ, 290 परिचालन (ऑपरेशनल) कर्मचारी तथा 14 वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी कार्यरत हैं, जो उच्च गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं।
इस अवसर पर मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने कंपनी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मैकिन्टॉश बर्न लिमिटेड पश्चिम बंगाल की गौरवशाली विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राज्य के आधारभूत ढांचे के विकास को और अधिक गति देने, उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण को सुनिश्चित करने तथा समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने में ऐसे अनुभवी संस्थान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अधिकारियों को नवाचार, गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखते हुए जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग की विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी क्षमता के बेहतर उपयोग तथा भविष्य की विकासात्मक योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

