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तिलक और तुलसीमाला पहनकर आने पर छात्रा को स्थानांतरण प्रमाणपत्र मिला

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तिलक और तुलसीमाला पहनकर आने पर छात्रा को स्थानांतरण प्रमाणपत्र मिला


पुरुलिया, 09 जुलाई (हि. स.)। जिले के एक विद्यालय में कुलगुरु से दीक्षा लेने के बाद माथे पर तिलक और गले में तुलसीमाला पहनकर विद्यालय आने वाली कक्षा 11 की एक छात्रा को स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) दिए जाने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी और बजरंग दल ने विरोध जताया है। जिला विद्यालय निरीक्षक विद्यालय पहुंचे हैं।

सूत्रों के अनुसार, राज्य के विद्यालय शिक्षा विभाग ने भी इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।

जानकारी के अनुसार, कुछ महीने पहले शोभना मांझी उक्त छात्रा माथे पर चंदन का तिलक और गले में तुलसीमाला पहनकर विद्यालय पहुंची थी। आरोप है कि प्रधान शिक्षिका सुष्मिता घोष तथा सहायक शिक्षिका धीमा मंडल सहित कुछ अन्य शिक्षिकाओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस वेश में कक्षा में प्रवेश नहीं किया जा सकता।

छात्रा का कहना है कि उसके परिवार ने दीक्षा ली है और धार्मिक परंपरा के अनुसार उसे इस प्रकार विद्यालय आना पड़ता है। उसका आरोप है कि एक दिन प्रार्थना के समय उससे जबरन माथे का तिलक धुलवाया गया और भविष्य में तिलक तथा तुलसीमाला पहनकर विद्यालय नहीं आने की चेतावनी दी गई।

छात्रा के अनुसार, वह इसके बाद भी नियमित रूप से विद्यालय जाती रही, लेकिन लगातार मानसिक दबाव बनाए जाने के कारण उसे विद्यालय जाना बंद करना पड़ा। उसका कहना है कि इस कारण उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हुई।

छात्रा की मां बसन्ती माझी को घटना की जानकारी एक अन्य छात्रा से मिली। इसके बाद उन्होंने विद्यालय जाकर प्रधान शिक्षिका से मुलाकात की और परिवार की धार्मिक परंपरा तथा दीक्षा की जानकारी दी। आरोप है कि इसके बावजूद प्रधान शिक्षिका ने स्पष्ट कर दिया कि इस वेश में विद्यालय आने की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा विद्यालय के नियम नहीं मानने पर टीसी दे दिया जाएगा। छात्रा की मां ने टीसी देने की सहमति नहीं दी, लेकिन बाद में उनके मोबाइल पर टीसी की प्रति भेज दी गई।

उधर, विद्यालय की प्रधान शिक्षिका सुष्मिता घोष ने कहा कि इस मामले को लेकर गलत प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के कुछ नियम हैं, जिनके संबंध में छात्राओं को समय-समय पर अवगत कराया जाता है, लेकिन सामाजिक माध्यमों पर पूरे मामले को अलग ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रा को विद्यालय से निष्कासित किए जाने की बात सही नहीं है।

वहीं गुरुवार को बजरंग दल के जिला संयोजक सूरज शर्मा ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि यदि कोई छात्रा दीक्षा लेने के बाद माथे पर तिलक लगाकर विद्यालय आती है, तो क्या उसे टीसी दिया जाना उचित है। भारतीय जनता पार्टी के शिक्षक प्रकोष्ठ के संयुक्त संयोजक शुभाशीष माझी ने भी कहा कि इस प्रकार किसी छात्रा को टीसी देना उचित नहीं है।

स्थानीय विधायक तथा राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य नदियारचांद बाउड़ी ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता