राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की जमीन पर मिट्टी काटने का आरोप, आदिवासियों का विरोध प्रदर्शन
अलीपुरद्वार, 02 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पर आदिवासियों की खेती योग्य जमीन से अवैध रूप से मिट्टी काटने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना से आक्रोशित होकर रविवार को स्थानीय आदिवासी समुदाय ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अलीपुरद्वार जिले के ब्लॉक-1 के पूर्व कठालबाड़ी ग्राम पंचायत के गरारजोत गांव में इस घटना को लेकर इलाके में भारी तनाव का माहौल है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गरारजोत गांव के पास से शिलतोरसा नदी बहती है। नदी के चर क्षेत्र में स्थित लगभग 900 बीघा जमीन पर आदिवासी समुदाय अपना अधिकार होने का दावा कर रहा है। आरोप है कि इसी जमीन से राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य के लिए अवैध रूप से मिट्टी काटी जा रही है।
रविवार दोपहर करीब दो बजे बड़ी संख्या में आदिवासी ग्रामीण एकजुट होकर नदी के चर इलाके में पहुंचे और वहां चल रहे मिट्टी कटाई के काम को रोक दिया। मौके पर कई अर्थमूवर (जेसीबी) और डंपर भी खड़े देखे गए। अपनी जमीन बचाने की मांग को लेकर आदिवासियों ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और जिला प्रशासन को लिखित ज्ञापन भी सौंपा है।
घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे, जहां आदिवासियों के साथ उनकी काफी देर तक बहस हुई। प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि उन्हें जिला प्रशासन के भूमि राजस्व विभाग से मिट्टी कटाई की वैध अनुमति मिली हुई है। हालांकि, अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद आदिवासी ग्रामीण फिलहाल वहां से हट गए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अपनी जमीन और अस्तित्व की रक्षा के लिए वे आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

