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रुकी हुई प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया जल्द होगी पूरी, मंत्री दीपक बर्मन ने दिया हर साल 'टेट' आयोजित करने का आश्वासन

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रुकी हुई प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया जल्द होगी पूरी, मंत्री दीपक बर्मन ने दिया हर साल 'टेट' आयोजित करने का आश्वासन


कोलकाता, 01 अक्टूबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने गुरुवार को राज्य में प्राथमिक शिक्षकों की रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है। विकास भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि वर्तमान में जो प्राथमिक भर्ती प्रक्रिया लंबित है, उसे तेजी से पूरा किया जाएगा और इसके संपन्न होते ही अगली भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजा और सरस्वती पूजा की तरह ही राज्य में अब हर साल शिक्षक पात्रता परीक्षा ('टेट') का आयोजन किया जाएगा।

ज्ञात हो कि राज्य में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों की भर्ती के लिए आखिरी बार 'टेट' परीक्षा वर्ष 2022 में आयोजित की गई थी, लेकिन उससे जुड़ी भर्ती प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हो सकी है। 2022 में 'टेट' उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों के भारी दबाव और लगातार आंदोलनों के बाद, पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 25 सितंबर 2025 को उनकी भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की थी। हालांकि, एक साल बीतने के बाद भी यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाई है।

सितंबर 2025 में अधिसूचना जारी होने के बाद, 31 दिसंबर से 13 हजार 421 पदों पर भर्ती के लिए चरणबद्ध तरीके से जिलावार साक्षात्कार (इंटरव्यू) शुरू हुए थे। पहले चार चरणों के साक्षात्कार पूरे होने के बाद, बोर्ड ने 27 फरवरी को अधिसूचना जारी कर नदिया, पुरुलिया, बांकुड़ा, अलीपुरद्वार, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, पश्चिम बर्दवान और बीरभूम जिलों के लिए पांचवें से दसवें चरण के साक्षात्कार शुरू किए थे। इसी क्रम में 19 मार्च को पांचवें चरण के तहत नदिया जिले का साक्षात्कार समाप्त हुआ। इसके बाद 23 मार्च से पुरुलिया जिले के लिए छठे चरण का साक्षात्कार शुरू हुआ, लेकिन तब तक विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका था। इससे चुनाव आचार संहिता के बीच साक्षात्कार कराने को लेकर सवाल उठने लगे थे।

इसके बाद अप्रैल में पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने बताया कि चुनाव आयोग ने 27 मार्च को स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर प्राथमिक शिक्षक भर्ती के साक्षात्कार के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था। बोर्ड की ओर से इसका विस्तृत जवाब भी दिया गया, लेकिन अंततः एक अप्रैल को बोर्ड ने पूरी साक्षात्कार प्रक्रिया को ही स्थगित कर दिया। इसके बाद राज्य में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए और नई सरकार का गठन हुआ, लेकिन रुकी हुई साक्षात्कार प्रक्रिया अब तक दोबारा शुरू नहीं हो सकी है, जिसे लेकर एक बार फिर विवाद और असंतोष बढ़ रहा है।

संवाददाता सम्मेलन में जब मंत्री से इस बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि चल रही प्राथमिक भर्ती प्रक्रिया को जल्द ही समाप्त कर अगली भर्ती की ओर बढ़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भर्ती पूरी होने के बाद जो नई रिक्तियां (खाली पद) बनेंगी, उनके आधार पर फिर से टेट आयोजित किया जाएगा। मैं कई बार कह चुका हूं और आज फिर दोहरा रहा हूं कि जिस तरह हर साल दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजा और सरस्वती पूजा होती है, उसी तरह हर साल टेट का भी आयोजन किया जाएगा।

मंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बंगीय शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी समिति के महासचिव स्वपन मंडल ने कहा, पिछली सरकार भी हर साल टेट कराने का दावा करती थी, कभी-कभी परीक्षा होती भी थी, लेकिन नौकरियां नहीं मिलती थीं और भ्रष्टाचार के कई आरोप लगते थे। इस नई सरकार के शासनकाल में हर साल टेट होने पर भी क्या असल में नौकरियां मिलेंगी, यह कुछ ही दिनों में साफ हो जाएगा।

वहीं, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय) के प्रदेश महासचिव बापी प्रामाणिक ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह सरकार समझती है कि देश के समग्र विकास के लिए शिक्षा और संस्कृति कितनी महत्वपूर्ण है। शिक्षा को बचाने के लिए शिक्षकों की जरूरत है और रोजगार पैदा करने के लिए भी यह भर्ती आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और लोगों को इसका लाभ जरूर मिलेगा।

दूसरी ओर, 2022 प्राइमरी टेट पास डी.एल.एड ऐक्यमंच के अध्यक्ष बिदेश गाजी ने अपना असंतोष जताते हुए कहा, हमें केवल वादे नहीं चाहिए, हम यह जानना चाहते हैं कि यह प्रक्रिया आखिर कब खत्म होगी। हम पिछले चार वर्षों से सिर्फ इंतजार कर रहे हैं और अब यह हमारे लिए असहनीय हो गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर