भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने की तैयारी, 45 दिन में जमीन हस्तांतरण का निर्देश
मालदा, 14 मई (हि. स.)। भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सीमा पर फेंसिंग (कांटेदार तार) लगाने के लिए 45 दिनों के भीतर जमीन हस्तांतरण करने का निर्देश जारी किया गया है। इसके बाद मालदा जिला प्रशासन ने ‘युद्ध स्तर’ पर काम शुरू कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मालदा जिले में करीब 36 किलोमीटर लंबा सीमा क्षेत्र अब भी बिना फेंसिंग के है, जिससे घुसपैठ और तस्करी की घटनाएं लगातार सामने आती रहती है। इस पूरे इलाके में फेंसिंग और बॉर्डर रोड बनाने के लिए लगभग 260 एकड़ जमीन की आवश्यकता है।
इसी मुद्दे पर गुरुवार को जिला प्रशासनिक भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी राजनवीर सिंह कपूर ने की, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और भूमि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही राज्य के उच्च अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
हालांकि, खराब मौसम और बारिश प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
जिलाधिकारी राजनवीर सिंह कपूर ने कहा कि जमीन हस्तांतरण से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर ली गई है और उम्मीद है कि तय समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
अगर यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो सीमा सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी। हालांकि, मौसम की बाधाओं के बीच प्रशासन कितनी तेजी से काम पूरा करता है, इस पर सभी की नजरें टिकी है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

