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गाईघाटा एनकाउंटर : आरोपित प्रह्लाद की मां ने पुलिस की थ्योरी पर उठाए सवाल, न्याय और मुआवजे की मांग की

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गाईघाटा एनकाउंटर : आरोपित प्रह्लाद की मां ने पुलिस की थ्योरी पर उठाए सवाल, न्याय और मुआवजे की मांग की


कोलकाता, 28 अक्टूबर (हि. स.)। उत्तर 24 परगना जिले के गाईघाटा में हुए पुलिस एनकाउंटर पर अब सवाल उठने लगे हैं। 17 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या के आरोपित प्रह्लाद दास की मां रेखा दास ने पुलिस की एनकाउंटर थ्योरी पर सवाल उठाते हुए न्याय और मुआवजे की मांग की है। उनका तर्क है कि जब सोमवार रात 'क्राइम सीन रीक्रिएशन' के लिए प्रह्लाद को घर लाया गया था, तब उसके हाथ बंधे हुए थे। ऐसे में वह पुलिस की बंदूक छीनकर गोली कैसे चला सकता है, इस पर उन्होंने गहरा संदेह व्यक्त किया है।

परिवार का कहना है कि यदि प्रह्लाद ने अपराध किया था, तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए थी। उन्होंने भी यही चाहा था और पुलिस से इसकी अपील भी की थी। लेकिन पुलिस की गोली से बेटे की मौत को वे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

बुधवार को प्रह्लाद की मां ने कहा कि उस लड़की की भी हत्या हुई है और मेरे बेटे की भी हत्या की गई है, हमें इसका मुआवजा चाहिए। पुलिस के इस दावे पर कि प्रह्लाद ने बंदूक छीनकर फायरिंग की और भागने की कोशिश की, मां ने कहा कि रात 2 बजे जब बेटे को घर लाया गया, तो उसके हाथ बंधे थे और साथ में पांच पुलिस अधिकारी थे। वह पिस्तौल निकालकर कैसे गोली चला सकता है, यह सोचने वाली बात है।

प्रह्लाद की मां ने कहा कि इलाके के लोगों से उनके बेटे के बारे में पूछताछ करने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। परिवार का दावा है कि प्रह्लाद शांत स्वभाव का था और पुलिस से बंदूक छीनकर फायरिंग करने की बात उन्हें हजम नहीं हो रही है। मां ने मृतका और अपने बेटे के बीच संभावित प्रेम प्रसंग को लेकर भी संदेह जताया और सवाल किया कि उनके बेटे के बुलाने पर वह लड़की आखिर रात में क्यों चली आई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रह्लाद ने गोबरडांगा हिंदू कॉलेज से द्वितीय वर्ष तक पढ़ाई की थी। परिवार का कहना है कि वह शादी से पहले अपना घर बनाना चाहता था। मां का कहना है कि उन्हें कभी एहसास नहीं हुआ कि उनका बेटा कुछ गलत कर रहा है। बेटे के अंतिम संस्कार के बाद से वह शारीरिक और मानसिक रूप से टूट चुकी हैं।

मंगलवार रात बारासात मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद प्रह्लाद का शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहां मौजूद प्रह्लाद के पिता रामप्रसाद दास बेटे के शव पर माला पहनाते हुए फफक-फफक कर रो पड़े। उन्होंने कहा कि उनका कलेजा फट रहा है, वे जानते हैं कि उनके बेटे ने भयानक अपराध किया है जिसकी कोई माफी नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि सब जानने के बाद भी अधिकारी उसे इस तरह क्रूरता से मारने के बजाय आजीवन कारावास की सजा दे सकते थे। वे इस मौत को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

गौरतलब है कि बीते शनिवार को गाईघाटा थाना क्षेत्र की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी घर के पास एक जलसा देखने गई थी। रात करीब 11:30 बजे एक फोन आने के बाद वह वहां से निकली और फिर नहीं लौटी। रात भर तलाश के बाद रविवार सुबह उसका निर्वस्त्र और क्षत-विक्षत शव मिला था। परिवार ने दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने रविवार को ही मृतका के दूर के रिश्तेदार प्रह्लाद को गिरफ्तार किया था।

वहीं, इस एनकाउंटर को लेकर पुलिस का विस्तृत दावा है कि मंगलवार तड़के क्राइम सीन रीक्रिएशन के बाद जब आरोपित प्रह्लाद को गाड़ी से थाने वापस लाया जा रहा था, तब बैद्यबाटी इलाके के पास उसने शौच (पेशाब) के लिए गाड़ी रोकने का अनुरोध किया। पुलिस के अनुसार, इसके तुरंत बाद उसने एक ड्यूटीरत पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और लगातार तीन राउंड फायरिंग की, जिसमें से एक गोली पुलिस की गाड़ी पर लगी। अचानक हुए इस हमले में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया और एक ने जान बचाने के लिए सड़क किनारे तालाब में छलांग लगा दी। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने चार राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली आरोपित को लगी। उसे तुरंत चांदपाड़ा ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल पुलिसकर्मी का भी प्राथमिक उपचार किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गंगा