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सरकारी खरीदी की घोषणा के बाद भी खत्म नहीं हो रही आलू किसानों की मुश्किलें

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सरकारी खरीदी की घोषणा के बाद भी खत्म नहीं हो रही आलू किसानों की मुश्किलें


मेदिनीपुर, 16 मार्च (हि.स.)। पश्चिम मेदिनीपुर जिले में आलू की अच्छी पैदावार होने के बावजूद किसान भारी संकट का सामना कर रहे हैं। राज्य सरकार ने सहायक मूल्य पर आलू खरीदने की घोषणा तो की है, लेकिन जमीनी स्तर पर खरीद की स्पष्ट व्यवस्था और जानकारी न मिलने से किसान असमंजस में हैं।

जिले के प्रमुख आलू उत्पादन क्षेत्र चंद्रकोना में इस वर्ष आलू की अच्छी उपज हुई है। कृषि विभाग के अनुसार चंद्रकोना-एक ब्लॉक में लगभग आठ हेक्टेयर और चंद्रकोना-दो ब्लॉक में करीब 12 हेक्टेयर जमीन पर आलू की खेती हुई है। औसतन प्रति बीघा करीब 60 क्विंटल उत्पादन हुआ है।

सोमवार सुबह चंद्रकोना बाजार कृषक समिति सदस्य रामचंद्र घोड़ाई ने फोन पर बताया कि एक बीघा जमीन में आलू की खेती पर लगभग 30 से 35 हजार रुपये खर्च आया है, जबकि वर्तमान में आलू बेचकर केवल 15 से 17 हजार रुपये ही मिल पा रहे हैं। इस तरह किसानों को प्रति बीघा लगभग 12 से 15 हजार रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। खेत से ज्योति किस्म का आलू 280 से 300 रुपये प्रति क्विंटल और पोखराज किस्म का आलू 380 से 400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।

किसानों के अनुसार व्यापारी आलू खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिससे कई किसान मजबूर होकर खेत से ही कम दाम पर बिक्री कर रहे हैं। इस बीच आलू की पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले बोरे की कीमत भी बढ़ गई है। कुछ दिन पहले तक एक बोरा आठ से 10 रुपये में मिलता था, जो अब बढ़कर करीब 23 रुपये हो गया है। इसके अलावा मजदूरों को बोराबंदी के लिए 35 से 40 रुपये प्रति बोरा देना पड़ रहा है, जिससे लागत और बढ़ गई है।

चंद्रकोना के किसान मानिक मंडल और बलाइ घोष का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आलू किसे बेचें। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा आलू खरीदने की बात कही गई है, लेकिन अब तक कहीं इसकी स्पष्ट व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है।

जानकारी के अनुसार चंद्रकोना क्षेत्र में करीब 30 कोल्ड स्टोरेज हैं, जिनमें आधे से अधिक पहले ही भर चुके हैं। किसान आलू रखने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। राज्य सरकार ने कोल्ड स्टोरेज के माध्यम से सीधे किसानों से आलू खरीदने की घोषणा की है, लेकिन सरकारी दिशा-निर्देशों को लेकर कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने कुछ आपत्तियां जताई हैं और इस संबंध में सरकार से बातचीत जारी है।

सोमवार सुबह मिले सूची में कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष पश्चिम मेदिनीपुर जिले में लगभग 73 हजार हेक्टेयर जमीन पर आलू की खेती हुई है। गड़बेता-दो ब्लॉक के हुमगढ़ को-ऑपरेटिव कोल्ड स्टोरेज में सहायक मूल्य 950 रुपये प्रति क्विंटल पर सीमित मात्रा में आलू खरीद शुरू की गई है। यहां केवल 60 किसानों से प्रति किसान 70 पैकेट यानी करीब 35 क्विंटल आलू खरीदा जाएगा। फिलहाल जिले के अन्य क्षेत्रों में खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।

जिला प्रशासन ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि ब्लॉक स्तर पर सहायक मूल्य पर आलू खरीद की प्रक्रिया धीरे-धीरे शुरू की जा रही है और किसानों को स्थानीय कृषि विभाग या ब्लॉक प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता