कालियाचक मामले में पुलिस ने मानी चूक
मालदा, 03 अप्रैल (हि.स.)। जिले के कालियाचक में सात न्यायाधीशों को बीडीओ कार्यालय में घंटों घेरकर रखने की घटना पर राज्य पुलिस ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। उत्तर बंगाल के एडीजी कलियप्पन जयरामन ने माना कि न्यायाधीशों को सुरक्षित निकालने में प्रशासन से देरी हुई।
दरअसल, मतदाता सूची से नाम हटने से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए सात न्यायाधीश कालियाचक गए थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उन्हें करीब सात घंटे तक घेरकर रखा। देर रात उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।
न्यायाधीशों ने आरोप लगाया था कि संकट के समय पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद एडीजी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नाकाम नहीं थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस चूक के कारणों की जांच की जा रही है।
वहीं, इस घटना में भड़काने के आरोप में वकील मोफाक्केरुल इस्लाम को शुक्रवार सुबह बागडोगरा एयरपोर्ट से सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह इटाहार का निवासी है और बेंगलुरु भागने की तैयारी में था। वीडियो फुटेज में उसे लोगों को उकसाते हुए देखा गया है।
अब तक इस मामले में 19 केस दर्ज किए गए हैं और 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है और मालदा जिले के सभी न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

