उत्तरबंग विश्वविद्यालय में पीएचडी कोर्सवर्क घोटाले का आरोप
सिलीगुड़ी, 08 अप्रैल (हि. स.)। उत्तरबंग विश्वविद्यालय में पीएचडी कोर्सवर्क में दाखिले को लेकर बड़ा विवाद बुधवार को सामने आया है। रिसर्च एलिजिबिलिटी टेस्ट (रेट) के जरिए एडमिशन प्रक्रिया पहले ही सवालों के घेरे में थी, अब कुछ उम्मीदवारों के लिए अलग व्यवस्था में परीक्षा कराने के आरोप लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ परीक्षार्थियों को प्रशासनिक भवन के एक हॉल में अलग से परीक्षा देने की सुविधा दी गई, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले को लेकर सिलीगुड़ी के पूर्व विधायक शंकर घोष ने कड़ी आपत्ति जताई और जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।
इस मुद्दे पर शंकर घोष और माटीगाड़ा के पूर्व विधायक आनंदमय बर्मन ने संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय पहुंचकर ज्वाइंट रजिस्ट्रार स्वपन रक्षित से जवाब मांगा। उन्होंने यूजीसी के नियमों के उल्लंघन और कथित तौर पर कुछ राजनीतिक नेताओं को फायदा पहुंचाने के आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
शंकर घोष ने कहा कि वे राज्यपाल को लिखित शिकायत करेंगे और जरूरत पड़ने पर कानूनी कदम भी उठाएंगे। वहीं आनंदमय बर्मन ने आरोप लगाया कि नियमों को नजरअंदाज कर कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाया गया, जिससे सामान्य छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
इस बीच, कोर्सवर्क में अनियमितताओं के विरोध में छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी कैंपस में प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले पर स्पष्ट टिप्पणी करने से परहेज किया है, जिससे विवाद और गहराता जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

